भाग II - Page 83

68 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

दूसरी अनुसूची

1 श्री सभापतिः सभा अब अनुसूची II लेगी।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

‘कि दूसरी अनुसूची के भाग I के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित किए जाएँः-

भाग I

पहली अनुसूची के भाग I में वर्तमान में विनिर्दिष्ट किए जा रहे राष्ट्रपति और

राज्यों के राज्यपालों के बारे में उपबंध

पहली अनुसूची के भाग I में

  1. राष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपालों को प्रति मास निम्नलिखित उपलब्धियों का संदाय

किया जाएगा अर्थात्ः

राष्ट्रपति - 10,000 रुपये।

राज्य का राज्यपाल - 5,500 रुपये। 2. राष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपालों को ऐसे भत्तों का भी संदाय किया जाएगा जो

इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले क्रमशः भारत डोमिनियन के गवर्नर जनरल

को तथा तथ्स्थानीय प्रांतों के गवर्नरों को संदेय थे।

  1. राष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपाल अपनी-अपनी सम्पूर्ण पदावधि में ऐसे विशेषाधिकारों

के हकदार होंगे जिनके इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले क्रमशः गवर्नर

जनरल और तत्स्थानीय प्रांतों के गवर्नर हकदार थे।

  1. जब उपराष्ट्रपति या कोई अन्य व्यक्ति राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन कर रहा है

या उसके रूप में कार्य कर रहा है या कोई व्यक्ति राज्यपाल के कृत्यों का निर्वहन

कर रहा है तब वह ऐसी उपलब्धियों, भत्तों और विशेषाधिकारों का हकदार होगा

जिनका, यथास्थिति, वह राष्ट्रपति या राज्यपाल हकदार है जिसके कृत्यों का वह

निर्वहन करता है या, यथास्थिति, जिसके रूप में वह कार्य करता है।

भाग II

‘‘कि भाग II के शीर्षक में शब्द और आंकड़े ‘भाग प्श् के बाद ‘या भाग III' शब्द और आंकड़े अंतःस्थापित किए जाएँ।’’

1 सी.ए.डी. खंड 10, 11 अक्तूबर, 1949, पृष्ठ 116-118