भाग V - Page 90

75

मिलते रहेंगे जो उन्हें वर्तमान में मिल रहे हैं। लेकिन, 31 अक्तूबर, 1948 के बाद नियुक्त किए गए न्यायाधीशों के मामले में उसी प्रकार का आश्वासन नहीं दिया जा सकता। इस आश्वासन को गारंटी प्रदान करने हेतु यह विभाजन रेखा शुरू की गयी थी।

मैं दूसरी अनुसूची में निर्धारित वेतनमान के संबंध में एक या दो बातें कहना चाहता हूँ कि अन्य उदाहरण के लिए अन्य देशों में न्यायाधीशों द्वारा जो वेतनमान प्राप्त किए जा रहे हैं वह इस प्रकार हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका के मुख्य न्यायाधीश को 7,084/- रुपए प्रतिमाह मिलता है जबकि अवर न्यायाधीशों को 6,958/- रुपए मिलता है। कनाडा में मुख्य न्यायाधीश को 4,584/- रुपए और अवर न्यायाधीशों को 3,662/- रुपए मिलता है। आस्ट्रेलिया में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को 3,750/- रुपए और अवर न्यायाधीश को 3,611/- रुपऐ मिलता है। हमने जो अनुसूची दी के, जो मानक वेतन निर्धारित किए हैं, उसकी तुलना यदि कोई मेरे द्वारा दिए गए आंकड़े से करता है तो वह यह महसूस करेगा कि हमने जो वेतन तय किए हैं वे दूसरे देशों में उसी प्रकार के कार्य के लिए निर्धारित वेतनों की तुलना में कहीं अधिक बेहतर हैं और केवल अमेरिका ही इसका अपवाद है।

इन वेतनों के निर्धारण के मामले में हमने बिल्कुल न्यायोचित तरीका अपनाया है जितना हम अपना सकते हैं। उदाहरण के लिए प्रारुप समिति के पास यह कहने के लिए खुला विकल्प मौजूद था कि उस नियम को देखते हुए जो 31 अक्तूबर, 1948 से पूर्व किए गए न्यायाधीशों के मामले में लागू हैं, यदि उनका वेतन संविधान द्वारा निर्धारित सामान्य वेतन से अधिक है तो हम यह भी उपबंध कर सकते थे कि नागपुर उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को सामान्य वेतन से कम वेतन मिलेंगे क्योंकि उनके वेतन वर्तमान के विद्यमान सामान्य वेतन से कम हैं। लेकिन हम इस प्रकार की किसी शिकायत को जारी नहीं रहने देना चाहते हैं और इसलिए हमने कोई विरोधी उपबंध लागू नहीं किया है जोकि अगर न्याय की कड़ी दृष्टि से देखें तो प्रारुप समिति ऐसा कर सकती थी। मैं इसलिए यह कहना चाहता हूँ कि जहाँ तक न्यायपालिका में वेतन का संबंध है उस मामले में शिकायत का कोई आधार नहीं हो सकता है।

मैं राष्ट्रपति के प्रश्न पर आता हूँ। यह स्पष्ट है कि संघ का राष्ट्रपति वर्तमान गवर्नर जनरल का स्थान लेगा और उनके वेतन निर्धारण करने के मामले में हमने जो निर्धारित किया है वह 10,000/- रुपए प्रतिमाह है, जो कि इस दृष्टि से निधारित किया गया है कि वर्तमान में गवर्नर जनरल कमोवेश उतना ही वेतन प्राप्त कर रहा है।

जैसा कि प्रत्येक व्यक्ति जानता है कि भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अधीन गवर्नर जनरल का वेतन 2,50,850/- रुपए प्रतिवर्ष निर्धारित किया गया था जोकि