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(ग) खंड (4) में ‘परिलब्धियों और’ शब्दों का लोप होगा।
(5) अनुच्छेद 96 में, ‘‘उस न्यायालय के उपलब्ध वरिष्ठतम न्यायाधीश’’ शब्दों के बाद अथवा ऐसे किसी अन्य तरीके से जैसा कि इस संबंध में राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित किया जाए शब्द अंतःस्थापित किए जाएँगे।
(6) अनुच्छेद 144 में, खंड (1) के परंतुक का लोप किया जाएगा।
(7) अनुच्छेद 148 में, खंड (1) के परंतुक का लोप किया जाएगा।
‘‘(1) प्रत्येक राज्य के लिए एक विधानमंडल होगा जो राजप्रमुख और
(क) मैसूर राज्य में दो सदनों_
(ख) अन्य राज्यों में एक सदन से मिलकर बनेगा।
(8) अनुच्छेद 163 में ‘‘जैसा कि दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट है शब्दों के स्थान पर ‘‘जैसा कि राजप्रमुख अवधारित करे’’ शब्द प्रतिस्थापित किए जाएँगे।’’
(9) अनुच्छेद 170 में ‘‘जैसा कि उस राज्य की प्रांतीय विधानसभा के सदस्यों के मामले में इस संविधान के प्रारंभ की तिथि से तुरंत पहले लागू था ‘‘शब्दों के स्थान पर’’ जैसा कि राजप्रमुख अवधारित करें’’ शब्द प्रतिस्थापित किए जाएँगे।’’
(10) अनुच्छेद 177 के खंड (3) में -
(क) उपखंड (क) के स्थान पर, निम्नलिखित खंड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
‘‘(क) राष्ट्रपति द्वारा सामान्य या विशेष आदेश द्वारा अवधारित राजप्रमुख के भत्ते और उसके कार्यालय से संबंधित अन्य व्यय_
(ख) उपखंड (घ) के बाद, निम्नलिखित उपखंड अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
‘‘(ड.ड.) त्रावणकोर-कोचीन राज्य के मामले में त्रावणकोर और कोचीन के संयुक्त राज्य के गठन के लिए भारतीय राज्य त्रावणकोर और कोचीन के शासकों द्वारा इस संविधान के प्रारंभ के पूर्व की गई प्रसंविदा के अधीन