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करें, अर्थात् समय-सीमा लगा दी जाए यानी 5 वर्ष या 3 वर्ष, जो भी सदन द्वारा अनुमोदित की जाए। और इस अवधि में विवाहित व्यक्ति अपनी कमजोरियों को समझ सकेंगे और इस दौरान उन्हें एक-दूसरे को समझने का समय भी मिलेगा और इसके बावजूद यदि वे अलग होना चाहते हों, तो यह आवश्यक हो सकता है कि उनके विवाह-बंधन को तोड़ दिया जाए।
पंडित लक्ष्मीकांत मैत्रेयः आपका मतलब है विवाह परिवीक्षाधीन हो।
श्री एच. सिद्दावीरप्पाः विवाह परिवीक्षाधीन नहीं होगा। परन्तु किसी भी व्यक्ति को तलाक का लाभ या फायदा जो भी आप कहें, देने से पहले एक निश्चित अवधि प्रस्तावित की जानी चाहिए। इसके भीतर किसी भी विवाहित दम्पत्ति को तलाक की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
श्री एल. कृष्णास्वामी भारतीः यह अंगे्रजी कानून में है। उनके लिए तीन वर्ष की अवधि प्रस्तावित है।
श्री एच. सिद्दावीरप्पाः हम पश्चिमी देशों के अनुभव पर विचार करें। उदाहरण के लिए अमेरिका को लें। हमारे सामने तलाक न्यायालय के प्रसिद्ध न्यायाधीश लिडंसे का अनुभव है। जब कभी कोई उनके सामने तलाक के लिए जाता था, तब वह कहा करते थे, आप लोग एक या दो महीने साथ रहें, उसके बाद मेरे पास आएं। यदि इसके बाद आप यह महसूस करें कि आपको तलाक चाहिए, तभी आप आवेदन करें। उनका कहना है कि एक न्यायाधीश के रूप में उनका यह अनुभव है कि जब लोग एक-दूसरे से अलग होने का प्रयत्न करते हैं तो इसका कारण यह है कि उन लोगों ने एक-दूसरे को समझा नहीं है। यदि उनको एक-दूसरे को समझने का समय दिया जाता, तो वे अलग होने की अंतिम सीमा को नहीं अपनाते। इसलिए, मेरा सुझाव है कि तलाक के संबंध में इसी प्रकार की कुछ अवधि प्रस्तावित की जाए।
जहां तक सम्पत्ति के विभाजन के सिद्धांत का संबंध है, हम पाते हैं कि कृषि-भूमि इस विधिकरण द्वारा बिल्कुल भी प्रभावित नहीं है। यह अपने में अच्छी बात है।
चौधरी रणवीर सिंह (पूर्वी पंजाब)ः यह केंद्रशासित क्षेत्रों में प्रभावित है।
श्री एच. सिद्दावीरप्पाः नहीं, ऐसा नहीं है। केवल केंद्र शासित क्षेत्र प्रभावित हैं, पर वह बहुत छोटा क्षेत्र है। जहां तक कृषि भूमि का संबंध है, मेरा विचार है कि अब ऐसा समय आ गया है जब भोजन के लिए हमें कृषि और अपने अस्तित्व के हित में कृषि-सुधार करना चाहिए। केवल यही नहीं, अब समय आ गया है कि उत्तराधिकार के संबंध में भी हमको ज्येष्ठता अधिकार के कानून के समान कुछ न कुछ कर लेना चाहिए। इस तथ्य की दृष्टि से इस देश के नब्बे प्रतिशत लोग गांव में रहते हैं और उनकी सम्पत्ति