(प्रवर समिति की रिपोर्ट के प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा में वृद्धि) - Page 117

102 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

पंडित लक्ष्मीकानत मैत्रेयः उस पर सीधे ही जा रहा हूँ। यदि मैं उस बात का उत्तर देना भूल जाऊं, तो कृपया मुझे याद दिलाएं। हिंदू कानून इतना विशाल विषय है कि मैं घण्टों इस पर बोल सकता हूँ यदि अध्यक्ष मुझे ऐसा करने की अनुमति प्रदान करें पर मैं आपको आश्वासन देता हूँ, श्रीमान, मैं ऐसा नहीं करने जा रहा हूँ।

सबसे पहले मैं उस तस्करी जैसी प्रक्रिया का विरोध करता हूँ। जिससे यह विधेयक सदन में लाया गया, सदन के द्वारा लाया गया। यह एक असाधारण प्रक्रिया है। माननीय उपाध्यक्ष कृपया ध्यान दें।

श्रीमती रेणुका रेः माननीय उपाध्यक्ष महोदय, मुझे सदन की इस प्रकार की अवमानना पर आपत्ति है।

पंडित लक्ष्मीकांत मैत्रेयः यह व्यवस्था का प्रश्न नहीं है।

श्रीमती रेणुका रेः श्रीमान, यह व्यवस्था का प्रश्न है। सदन के विरुद्ध जो टिप्पणियां की गई हैं, उन पर मैं आपत्ति करती हूँ।

पंडित लक्ष्मीकांत मैत्रेयः फ्तस्करीय्। मैंने इस शब्द को कभी भी असंसदीय शब्द नहीं समझा है। यदि माननीय सदस्या यह सोचती हैं कि इस शब्द के साथ कोई कलंक जुड़ा है, तो मैं इस शब्द के स्थान पर किसी अन्य शब्द का प्रयोग करूंगा। मैं कहना चाहूँगा कि यदि इस विधेयक को पारित करने में जैसी शीघ्रता की गई, यह बात असाधारण है। क्या यह भी संसद में प्रयोग किए जाने वाला शब्द नहीं है? यदि ऐसा है, तो कृपया उपयुक्त शब्द बता दें। आप इस शब्द के स्थान पर कोई अन्य शब्द नहीं

खोज सकते। ( एक माननीय सदस्यः प्रशंसनीय गति)। यह अत्यधिक असाधारण प्रक्रिया है, जो सदन में अपनाई गई है। मैं इस सदन में संसदीय कार्यकलाप का कुछ अनुभव रखता हूँ। मैं ऐसा कोई भी अवसर नहीं जानता जब इतना महत्वपूर्ण और बड़ा विधेयक ऐसी त्वरित से पारित किया गया हो, जो अब अपनाई गई है।

श्री ब्रजेश्वर प्रसाद (बिहारः सामान्य)ः यह बिल कभी भी पारित नहीं होगा। (हस्तक्षेप)।

पंडित लक्ष्मीकांत मैत्रेयः मैं हस्तक्षेप पसन्द करता हूँ, परन्तु मैं यह नहीं समझ सका कि उन्होंने क्या कहा। यदि माननीय सदस्य यह सोचते हैं कि इस प्रकार लगातार हस्तक्षेप करने से मेरे भाषण का प्रभाव अवरोधित होगा, तो वे भूल करते हैं।

यह विधेयक पिछले बजट सत्र के अन्तिम दिन प्रस्तुत किया गया था।

बाबू रामनारायण सिंहः अन्तिम घंटे में प्रस्तुत किया गया था।

पंडित लक्ष्मीकांत मैत्रेयः आप जानते हैं कि यह विधेयक कितना महत्वपूर्ण और