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हमारी कटु आलोचना करने लगते हैं।
श्री बी.एल. सौंधी (पूर्वी पंजाबः सामान्य)ः वायुयान से यात्रा किया करें।
पंडित लक्ष्मीकांत मैत्रेयः मैंने वायुयान से यात्रा करना आरंभ कर दिया है। एकदम सत्य है वहां भी मुझे बेहतर नहीं लगता। मैं उपहास नहीं कर रहा हूँ। मैं वास्तव में यह महसूस करता हूँ कि देश हमसे बीमार है, निराश है, क्योंकि यह हमारी विफलता है। आम लोगों की भलाई के लिए वास्तव में कुछ किए जाने के लिए । अभी तक कश्मीर का प्रश्न ज्यों का त्यों है। उपयोग की वस्तुओं की कीमतों का प्रश्न है। कल ही हमने एक शानदार प्रदर्शन का कार्य किया है। दुर्भाग्य से पोस्टकार्ड की दर और कपड़े की कीमत बढ़ाना।
माननीय अध्यक्षः माननीय सदस्य फिलहाल खुद को विधेयक तक ही सीमित रखें।
पंडित लक्ष्मीकांत मैत्रेयः मैं केवल यही कह रहा हूँ कि वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि, श्रमिकों की हड़तालें, साम्यवादियों का डर, शरणार्थी समस्या आदि सरकार के लिए सरदर्द हैं। क्या हमारे लिए यह ऐसा समय है कि हम सामाजिक सुधारों के कानून बनाने की ऐय्याशी को अपनाएं और इतने ज्यादा विवादास्पद कानून को स्वीकार करें? यह निश्चित है कि इसने कड़बाहट उत्पन्न की है, और वास्तव में इसने पहले ही अत्याधिक कटु विवादों को सामने लाया है। मेरा मानना है कि माननीय सदस्यों को इस बारे में पहले ही प्रचुर साहित्य उपलब्ध करा दिया गया है (हस्तक्षेप)। निश्चित ही हिंदू विरोधी समिति और इसी प्रकार की अन्य समितियों तथा कलकत्ता और अन्यत्र के संघों द्वारा। मुझे पूना स्थित महिला संघ से विरोध-पत्र प्राप्त हुए हैं। मुझे बंगाल के महिला संघ से भी विरोध-पत्र प्राप्त हुए हैं। इस संघ के सदस्य देश के उच्चतम वर्ग के हैं। मुझे बंगाल में किसी भी ऐसी बार एसोसिएशन की जानकारी नहीं है, जिसने इसके विरुद्ध विरोध न किया हो। मुझे किसी भी ऐसी बार एसोसिएशन की भी जानकारी नहीं है, जिसने इस विधेयक का समर्थन किया हो। शायद मेरे पास वह सारा साहित्य है, जो अब तक इस विधेयक के संबंध में प्रचारित-प्रसारित किया गया है। मैंने इस साहित्य को वर्गीकृत कर लिया है और ज्यादातर मत गुणवत्ता तथा मात्रा की दृष्टि से इसके विरुद्ध ही हैं। मैं फिर कहता हूं कि यह समय ठीक नहीं है। ऐसे समय जब हमारे प्रधान मंत्री की अपील के अनुसार हमें भेद-भाव को समाप्त कर देना चाहिए, एक हो जाएं, पूर्ण समय और ऊर्जा समर्पित करें। मैत्री और सौहार्द के कार्य करें, ताकि हम अपने देश की समस्याओं को सुलझा सकें। हमें देश में विखंडन के लिए कोई कारण नहीं छोड़ना चाहिए और देश में शत्रुता अथवा शिकायत अथवा असंतोष के लिए दूसरा कारण नहीं देना चाहिए। मैं भी महसूस करता हूँ कि इससे कुछ हानि नहीं हो जाएगी यदि हम इस विधेयक को कुछ समय के लिए आलमारी में रख दें। यदि ऐसा नहीं किया गया तो निःसंदेह मैं यह वचन देता हूँ कि मैं प्रत्येक स्थिति में इस विधेयक का विरोध करूंगा। मैं इस विधेयक का विरोध करता हूँ, क्योंकि मैं महसूस करता हूँ कि यह विधेयक पूर्णतया