152 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
हम दूसरों के साथ समझौता करने के लिए तैयार हैं, तो मैं महसूस करता हूँ कि यह प्रगतिशील विधान नहीं रहेगा, इसका आकर्षण समाप्त हो जायेगा। किन्तु फिर भी मुझे अपने प्रधानमंत्री के विवेक में अधिक विश्वास है। मैं समझता हूँ कि मैं या मेरे युवा मित्र जितने बुद्धिमान हो सकते हैं उससे वह काफी अधिक बुद्धिमान हैं। मुझे उनमें आस्था है। यदि वह समझौता करना चाहते हैं या यदि सरकार समझौता करना चाहती है तो समझौता किया जा सकता है। किन्तु जहां तक युवा लोगों का सम्बन्ध है, हम समझौते के पक्ष में नहीं हैं। हमें निश्चित रूप से अपने नेताओं में आस्था है और हम उनके आदेशों का पालन करेंगे।
पण्डित लक्ष्मी कांत मैत्रेयः लेकिन उनमें से कोई भी तो यहां नहीं है।
श्री सीताराम एस. जाजूः यदि वे यहां नहीं हैं तो माननीय डॉ. अम्बेडकर यहां हैं। वह विधेयक के प्रायोजक हैं और वह ऐसा सरकार की ओर से कर रहे हैं। इस सरकार को कोसना बेकार है। अन्ततः यदि हम इस विधेयक के इतिहास में जायें तो हमें पता चलेगा कि इसे हमारी पूर्ववर्ती सरकार द्वारा लाया गया थाख्...,(व्यवधान)
महोदया, मैं करीब दस मिनट और बोलना चाहूंगा क्योंकि मेरे भाषण में व्यवधान हुआ है। यदि आप चाहें तो मैं कल अपना भाषण जारी रख सकता हूँ। मैं दस मिनट से अधिक नहीं लूंगा।
माननीय उपाध्यक्षः माननीय सदस्य से अनुरोध है कि वह अपना भाषण समाप्त करें क्योंकि उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि वह केवल दस मिनट लेंगे।
श्री सीताराम एस. जाजूः लेकिन आप मेरी कठिनाई को समझें। महोदया मेरे भाषण में काफी व्यवधान डाला गया है। यदि आप को आपत्ति न हो तो मैं कल दस मिनट और बोलना चाहूंगा।
माननीय उपाध्यक्षः क्या मैं जान सकती हूँ कि क्या माननीय सदस्य अगले तीन मिनटों में अपना भाषण समाप्त कर सकते हैं? मैं उन्हें अब केवल तीन मिनट और दूंगी।
श्री सीताराम एस. जाजूः महोदया, मैं जानता हूँ, मैंने आश्वासन दिया है। यदि आप चाहें तो मैं अभी बैठ जाता हूँ। तथापि मुझे तीन मिनट और देने के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूँ।
अब, मैं कह रहा था कि डॉ. अम्बेडकर यहां है। वह निश्चित रूप से हमारे विचार सरकार तक पहुंचा देंगे। वह विधेयक प्रभारी हैं। वर्तमान सरकार को कोसना या उस पर आरोप लगाने में कोई फायदा नहीं हैं। आखिरकार, हम इस विधेयक के इतिहास की ओर ध्यान दें तो हमें पता चलेगा कि यह विधेयक हमारी पूर्ववर्ती सरकार यानी विदेशी