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और अत्याचार का शिकार हैं। मैंने उनसे कहा, प्रश्न यह नहीं है। प्रश्न यह हैः नब्बे प्रतिशत हमारे विवाह बहुत ही बढि़या होते हैं किन्तु शेष दस प्रतिशत के बारे में आपका क्या कहना है? वे राहत चाहती हैं? भारत में हम विवाह करते हैं और फिर प्यार करते हैं, अंग्रेज लोग पहले प्यार करते हैं, फिर विवाह करते हैं। उसके बाद अपने प्यार को ठुकरा भी देते हैं, क्योंकि अतिसंवेदनशील आयु में प्यार कल्पना की उड़ान होता है। उस समय कोई यह नहीं जानता कि यह क्या है। हिंदू समाज में एक कानून या नियम है कि विवाह के मामलों में ‘श्री, कुलामू, रूपामू, वंधु श्रेणी और सम्प्रदायम’-ऐसी सभी चीजों पर विचार किया जाना चाहिये। विवाह तय करने से पूर्व इन सभी बातों पर विचार किया जाना चाहिये। श्री से सम्पत्ति या खुशहाली अभिप्रेत है, इसके बाद कुलम या जाति तथा स्थिति का स्थान है और उसके बाद रुपामृ अर्थात शक्ल-सूरत, सौंदर्य या सुन्दरता_ तत्पश्चात् बन्धु श्रेणी अर्थात् सम्बन्धी आते हैं और फिर सम्प्रदाय या परिवार की परम्परा आती है। इन सभी पांच बातों पर ध्यानपूर्वक विचार किया जाना चाहिये। क्या अठारह वर्ष की एक लड़की, जो आयु की दृष्टि से विवाह योग्य हैं, इन सभी चीजों का ध्यान रखते हुए चयन कर सकती हैं? क्या वह इन चीजों में एक-दूसरे के बीच अन्तर कर सकती हैं? नहीं। एक दिन मैंने अपनी पत्नी की बहन के पति की बहन से पूछा नहीं, यह दूर का रिश्ता नहीं है, आप जानते हैं कि मेरी पत्नी की बहन का पति मेरा साढू होता है। उसकी बहन का विवाह हुआ। मुझे पता चला कि उसने अपने विवाह से पूर्व अपने पिता को कुछ कहा था। मैं उसके पति के घर गया, उसका पति मेरे साथ अन्दर के कमरों में गया और वहां मैंने उससे कहा, फ्क्या आप जानते हैं कि इस लड़की के आपसे विवाह नहीं किया है?य् वह चकित रह गया, कुछ नाराज और कुछ आश्चर्यचकित। उसने कहा, फ्आपका क्या अभिप्राय है?य् मैंने कहा, फ्मेरा वही अर्थ है जो मैंने कहा है, उसने आप से कभी विवाह नहीं किया हैय्, फ्क्यों? उसने इस बिजली, इस मोटर कार से विवाह किया है जो इस घर में हैं।य् बात यह है कि लड़की ने अपने पिता से कहा था, फ्मुझे इस बात की कोई परवाह नहीं कि आप मेरा किससे विवाह करते हैं, लेकिन उनके घर में बिजली और मोटर कार होनी चाहिये।य् सोलह या अठारह वर्ष की गरीब लड़की चीजों और हालात को कैसे भांप सकती थी? वह केवल यह सोचती हैं, फ्मुझे इस घर में मेरा पिता द्वारा पाला-पोसा गया है, उसे हर वर्ष बीस हजार रुपये मिलते हैं और उसके यहां बिजली है, मोटरकार है और आलीशान मकान है। मुझे वहां भी ये चीजें उपलब्ध होनी चाहिये।य् बस इतनी-सी बात है। लेकिन अंगे्रज मां की शिकायत हमेशा यह रहती है कि उसकी लड़की, फ्अच्छे मित्र नहीं बना सकती।य् वह कहती है, फ्मेरी बेटी अच्छे मित्र नहीं बना सकती।य् इसका अर्थ यह है फ्मेरी लड़की अपने इर्द-गिर्द ऐसे युवकों की टोली नहीं रख सकती जो उसके इशारे पर नाचें, रेस्तरां, सिनेमा, आदि में उसके बिलों का भुगतान करें।य् वहाँ माँ यही चाहती है। कृपया इस प्रकार सर न हिलायें। मैं जो कह रहा हूँ वह सही है।