8 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
से कम से कम ग्यारह सदस्य दृढ़ता से उस विधेयक का विरोध करते हैं, जिस रूप में यह विधेयक प्रवर समिति से आया है। इस भूमिका के बाद, मैं यह निवेदन करता हूँ कि मैं इस प्रकार के प्रस्ताव रखने के लिए क्यों तैयार हूँ, जो सामान्य रूप से उस विधेयक के विरोध में विलम्बकारी समझे जाते हैं, जिस रूप में विधेयक प्रवर समिति से आया है।
श्री तजामुल हुसेन (बिहारः मुस्लिम)ः श्रीमान मैं एक सूचना पाना चाहता हूँ। मानवीय सदस्य ने बताया है कि प्रवर समिति के 17 सदस्यों में से 11 सदस्यों ने इस पर असहमति की टिप्पणी लिखी है। यदि वे इस विधेयक के विरोध में हैं, तो मैं माननीय सदस्यों से यह पूछना चाहूँगा कि इस विधेयक की प्रवर समिति द्वारा यह किस प्रकार की सिफारिश की गई है, कि हम उसे पारित कर सकें।
पंडित ठाकुर दास भार्गवः माननीय उपाध्यक्ष महोदय, मेरी राय में यह प्रश्न न तो सूचना संबंधी है और न व्यवस्था का, आप स्वयं इस विधेयक का अध्ययन कर सकते हैं। श्री भारती ने भी इस पर असहमति की टिप्पणी लिखी है।
श्री एल. कृष्णास्वामी भारती (मद्रासः सामान्य)ः मेरा विचार इस विधेयक से कुछ आगे का है। मैं इस विधेयक का कार्य-क्षेत्र भी बढ़ाना चाहता हूँ। यही मेरी असहमति की टिप्पणी है।
माननीय उपाध्यक्षः क्या माननीय सदस्य प्रत्येक टिप्पणी और प्रत्येक वाक्य को स्पष्ट करना चाहते हैं? मुझे यह आवश्यक नहीं लगता।
श्री एल. कृष्णास्वामी भारतीः नहीं, श्रीमान मैंख्...,
माननीय उपाध्यक्षः माननीय सदस्य की असहमति की टिप्पणी मुद्रित अवस्था में है। उन्हें उनकी बारी आने पर समय मिलेगा यदि वे कोई स्पष्टीकरण देना चाहते हैं। इसमें कोई अच्छाई नही है कि वक्ता के बोलने के समय हस्तक्षेप किया जाये और अन्य माननीय सदस्य भी एक साथ बोलने के लिए खड़े हो जायें।
श्री एल. कृष्णास्वामी भारतीः श्रीमान, क्या मैं कुछ कह सकता हूँख्...,
माननीय उपाध्यक्षः मैं माननीय सदस्य को पर्याप्त सुन चुका हूँ।
श्री एल. कृष्णास्वामी भारतीः व्यक्तिगत स्पष्टीकरण के बिन्दु पर श्रीमान्।
माननीय उपाध्यक्षः शांत शांत!
पंडित ठाकुर दास भार्गवः श्रीमान, मैं श्री भारती को यह कष्ट नहीं देना चाहूँगा कि वे सदन के समक्ष अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करें। अतः मैं स्वयं उनका दृष्टिकोण प्रस्तुत करता हूँ। श्री भारती की टिप्पणी यह है कि वे इस विधेयक के मूलभूत सिद्धांतों