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सरकार से अनुरोध किया है कि उस दिन प्रवर समिति की बैठक रद्द कर दें। मैं इस बात को सुनिश्चित करूंगा कि प्रवर समिति की कोई बैठक शनिवार के लिये निर्धारित न की जाये। माननीय सदस्यों को अन्य कोई संसदीय कार्य नहीं करना पड़ेगा, ताकि वे हिंदू संहिता पर चर्चा में भाग ले सकें।
संसदीय कार्य मंत्री महोदय ने अभी-अभी सरकार की ओर से सुझाव दिया है कि वे शनिवार का समय, जो पहले अन्य सरकारी कार्य के लिये निर्धारित था, हिंदू संहिता पर चर्चा के लिये देने पर सहमत है। यह बात जान लेने पर कि इस विषय पर अधिक माननीय सदस्य बोलना चाहते हैं, वे शनिवार का समय देने के लिये तैयार हैं जिसका मध्याह्नपूर्व का समय गैर-सरकारी सदस्यों के लिये निर्धारित होगा और मध्याह्न पश्चात् का समय माननीय विधि मंत्री द्वारा उत्तर दिये जाने के लिये निश्चित किया गया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने सभा की स्वीकृति के लिए एक अन्य सुझाव भी दिया है। उसको स्वीकार करना या अस्वीकार करना सदस्यों की इच्छा पर निर्भर करता है। इस बात को देखते हुए कि बहुत से सदस्य बोलने के इच्छुक हैं, आज हम 7 बजे तक बैठेंगे। आज मैं 5 बजे यहां से जाऊंगा और पता लगाऊंगा कि माननीय सदस्य थकावट महसूस कर रहे हैं या वे सक्रियता से चर्चा में भाग ले रहे हैं। निजी रूप से मैं और अध्यक्ष-तालिका (पैनल आफ चेयर मैन) के मेरे मित्र 7 बजे तक बैठने के लिये तैयार हैं। इस मामले में मैं सभा के साथ हूँ।
माननीय श्री सत्यनारायण सिन्हाः महोदय, मैंने सरकार की ओर से कहा था कि वे हिंदू संहिता विधेयक पर चर्चा के लिये शनिवार का आधा समय देने के लिये तैयार हैं। परन्तु जैसा कि आप ने पहले ही कह दिया है कि इस प्रयोजन के लिये शनिवार का पूरा समय दिया जायेगा, तो सरकार इस पर भी सहमत है।
माननीय उपाध्यक्षः मुझे आशा है कि सरकार मेरे सुझाव पर सहमत होगी।
पंडित गोविंद मालवीय (यू.पी.ः सामान्य)ः महोदय, मैं आपके विनिर्णय की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ। आपने यह सोचकर अपना निर्णय दिया कि शनिवार छुट्टी का दिन है, परन्तु हम में से कुछ लोगों ने अपने आवश्यक और अपरिहार्य कार्यक्रम बनाये हुए हैं। मैं अपने बारे में कहना चाहता हूँ कि मैंने उस दिन बहुत ही आवश्यक और अनिवार्य कार्यक्रम बनाया हुआ है। महोदय, मैं चाहता हूँ कि आप कृपया इस बात का भी ध्यान रखें। यदि हमें पहले से पता होगा कि शनिवार को सदन में आना है तो हम और कोई कार्यक्रम न बनाते। अब हमारे सारे कार्य अस्त-व्यस्त हो जाएंगे। इसलिये मैं निवेदन करना चाहता हूँ कि इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने के लिये शनिवार के स्थान पर कोई और दिन सुनिश्चित कर दें। सरकार आसानी से ऐसा कर सकती है। वे शनिवार को सरकारी कार्य निपटा सकते हैं। और इस विषय पर चर्चा के लिये कोई और दिन निश्चित कर सकते हैं। हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं