हिंदू विवाह वैधता विधेयक - Page 27

12 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

इस विधेयक से और वे प्रावधानों से कि वे क्या हैं? कुछ माननीय सदस्य कहते हैं, फ्सुनियेख्..., सुनिये।य् अति विनम्र भाव से मैं यह निवेदन करता हूँ कि जिन लोगों ने इस विधेयक के उपबंधों का अध्ययन नहीं किया है और इस सदन के कई सदस्य यह बिल्कुल भी अनुभव नहीं कर पाये हैं कि इसका महत्व क्या है।

श्रीमती जी. दुर्गाबाईः जब आप सुधार के लिए अपने अन्य विधेयकों के उपबंधों को समझने के लिए इस देश की महिलाओं को योग्य पाते हैं, तो क्या आप यह नहीं समझते कि वे महिलाएं इस विधेयक के उपबंधों को भी समझने योग्य होंगी?

पंडित ठाकुर दास भार्गवः मैं इस हस्तक्षेप का स्वागत करता हूँ, क्योंकि मुझे एक अवसर प्रदान करता है सही बात को स्पष्ट करने का। श्रीमान, एक आपत्ति उठाई गई थी कि एक बार सती विधेयक पारित हो गया था, विधवा-विवाह विधेयक पारित हो गया था, शारदा अधिनियम पारित हो गया था और आज सदन के समक्ष जो विधेयक है वह भी उसी वर्ग का है। जो कि श्रीमती दुर्गाबाई के अनुसार यह विधेयक उन विधेयकों के स्तर से कुछ ऊँचे स्तर का है, जिन्हें आम आदमी की राय को ध्यान में रखते हुए पारित किया जा सकता है।

श्री तजामुल हुसेनः क्या मुझे व्यवस्था का प्रश्न उठाने की अनुमति दी जा सकती है?

माननीय उपाध्यक्षः कृपया बतायें कि व्यवस्था का प्रश्न क्या है?

श्री तजामुल हुसेनः श्रीमान, व्यवस्था का मेरा प्रश्न यह है कि मेरे माननीय मित्र द्वारा पूरे सदन की अवमानना की गई है। आपने उन्हें कहते हुआ सुना है, उन्होंने कहा कि सदन में ऐसे भी सदस्य हैं जो हिंदू संहिता विधेयक को समझ नहीं पाए हैं। यह सदन की अवमानना है और मैं इस बारे में निर्णय चाहता हूँ।

माननीय उपाध्यक्षः मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई व्यवस्था का प्रश्न है। माननीय सदस्य के कहने का अर्थ है कि विधेयक का उद्देश्य यह है कि इसके पूरे निहितार्थों को अलग-अलग वर्ग के लोगों द्वारा अलग-अलग समझा जा सकता है। उनके अनुसार वे नहीं समझ पाये हैं कि किस तरीके से मान्य सदस्य इस विधेयक को समझेंगे।

पंडित ठाकुर दास भार्गवः श्रीमान, इसके अलावा मैं यह दावा नहीं करता और मैं यह सब कुछ कहने के लिए तैयार नहीं हूँ कि मैंने इस विधेयक के उपबंधों को समझा है जैसाकि इस सदन के अन्य सदस्यों से कुछ अधिक समझा है। जहां तक मेरा प्रश्न है, मैं कहने को तैयार हूँ कि मैंने सभी प्रावधानों, सभी उपबंधों और इस विधेयक के सभी निहितार्थों को समझ लिया है और यह मैं सभी माननीय सदस्यों और विशेषतः

खुद के बारे में कह सकता हूँ। यहां ऐसे माननीय सदस्य हैं जो अधिवक्ता नहीं हैं,