(प्रवर समिति की रिपोर्ट के प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा में वृद्धि) - Page 303

288 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

माननीय अध्यक्षः माननीय सदस्य ने अभी-अभी वचन दिया था कि वह समझौते का वातावरण खराब नहीं करेंगे।

श्री रोहिणी कुमार चौधरीः समझौते की शर्त यह थी कि अब वह नहीं बोलेंगे।

माननीय अध्यक्षः शांति, शांति। अब बार-बार टीका-टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, जैसा कि मैंने बताया, इस विधेयक में विवाह, दत्तकग्रहण, अभिभावकत्व, संयुक्त परिवार सम्पत्ति, महिला सम्पत्ति, इच्छापत्र हीन उत्तराधिकार, इच्छापत्रीय उत्तराधिकार और अनुरक्षण के बारे में हिंदू विधि में परिवर्तन और संहिताबंद्ध करने की व्यवस्था है। जहां तक दत्तकग्रहण की बात है इस विधेयक के इस भाग का कोई विरोध नहीं किया गया है। अभिभावकरण सम्बन्धी भाग का भी विरोध नहीं किया गया कि ख्...,

पंडित ठाकुर दास भार्गव (पूर्वी पंजाबः सामान्य)ः मैंने दत्तकग्रहण सम्बन्धी कुछ उपबंधों का और उत्तराधिकार नियुक्ति के प्रावधान के न होने का विरोध किया था।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः न ही महिला सम्पत्ति, इच्छापत्रहीन उत्तराधिकार और अनुरक्षण सम्बन्धी उपबंधों का विरोध किया गया। विधेयक के जिन उपबंधों का कुछ विरोध किया गया है, वे विवाह, संयुक्त परिवार सम्पत्ति और इच्छापत्रहीन उत्तराधिकार सम्बन्धी हैं। विधेयक के इन भागों के सम्बन्ध में भी एक या दो मुद्दों का ही अधिक विरोध किया गया है।

श्री रोहिणी कुमार चौधरीः महोदय, मेरा एक व्यवस्था का प्रश्न है। आपने स्वयं विनिर्णय दिया था कि जब हम संशोधनों पर विचार करेंगे, उस समय इन सभी विषयों पर चर्चा की जा सकती है।

माननीय अध्यक्षः माननीय सदस्य कृपया बैठ जायें। मेरे विचार में सदस्यों को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए और जब अन्य सदस्य अपना विचार प्रस्तुत कर रहे हों, तो उनको हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। मंत्री महोदय को निर्बाध रूप से बोलने दिया जाना चाहिए और यदि माननीय सदस्य को कुछ कहना है, तो जब यहां पर विधेयक पर चर्चा होगी, तब उनको भी बोलने का अवसर दिया जायेगा।

श्री रोहिणी कुमार चौधरीः परन्तु महोदय, यदि आप हमें अनुमति न दें ख्...,

माननीय अध्यक्षः मैं इस प्रकार हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं दे सकता।

श्री रोहिणी कुमार चौधरीः स्थिति को स्पष्ट करने के लिये ख्...,

माननीय अध्यक्षः स्थिति स्पष्ट करने की अनुमति देने के बाद प्रत्येक वाक्य का उत्तर आरम्भ हो जाता है। मैं इस प्रकार की अनुमति नहीं दे सकता। (व्यवधान) अब माननीय सदस्य बिल्कुल हस्तक्षेप नहीं करेंगे जिससे मुझे इस प्रकार के व्यवधान या व्यवस्था के प्रश्न अथवा सुझाव को गंभीरता से लेने के लिये मजबूर न होना पड़े। परन्तु जब मैं प्रस्ताव को मतदान के लिए रखूं ख्...,