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श्री एच.वी. कामत (सी.पी. एवं बिरार)ः महोदय, क्या आपका यह कहना है कि विधेयक पर पुनः चर्चा होगी।
माननीय अध्यक्षः खंडवार चर्चा होगी।
पट्टाभि सीतारमैया (मद्रासः सामान्य)ः क्या मैं सम्मानपूर्वक एक सुझाव दे सकता हूँ? यह विचारार्थ हो या नहींµयह विचार किये जाने का प्रश्न स्वीकार किया जा रहा है। इसलिये विधेयक के प्रभारी मंत्री महोदय द्वारा जो भी वत्तव्य दिये जायें, वे निर्विरोध ही रहेंगे। और जब तक वे निविर्रोध रहेंगे, उन पर उचित मत प्राप्त नहीं किया जा सकता। माननीय प्रस्तावक कई घंटों तक अनुपस्थित रहे हैं और उनको माननीय सदस्यों द्वारा कही गयी बातों की पूरी जानकारी नहीं दी गयी है। उदाहरणार्थ वह कहते हैं कि दत्तकग्रहण के सम्बन्ध में कोई विरोध नहीं हुआ और यहां पर बैठे हुए एक सज्जन कहते हैं कि उन्होंने उन उपबंधों का विरोध किया था। इसलिये मैं मंत्री महोदय से कहना चाहूंगा कि वह अपने उत्तर को विवादास्पद न बनाएं।
माननीय अध्यक्षः जहां तक मैंने मंत्री महोदय की बात को समझा है, वह अपनी बात को संक्षिप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।
डॉ. बी. पट्टाभि सीतारमैयाः नहीं।
माननीय अध्यक्षः शांति, शांति। माननीय सदस्य हस्तक्षेप न करें। मैं इस बात को मानता हूँ कि उनको सभा में अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करने का पूरा अधिकार है। वह ठीक हो सकता है, वह ठीक नहीं भी हो सकता है। इसलिये जब वह उत्तर दे रहे हैं, उनका उत्तर सुना जाना चाहिए। माननीय सदस्यों को तत्काल उठकर यह नहीं कहना चाहिए कि फ्यह वक्तव्य गलत हैय् या फ्वह वक्तव्य गलत हैय्, क्योंकि फिर हम विवाद में फंस जायेंगे। उनको सुन लीजिए। लोकतंत्र का सर्वोत्तम तरीका विरोधी की बात को धैर्यपूर्व सुनना है।
श्री रोहिणी कुमार चौधरीः क्या हम दिये जा रहे गलत वक्तव्य का उत्तर नहीं दे सकते?
माननीय अध्यक्षः इस समय कोई उत्तर नहीं देना है, क्योंकि विरोधी पक्ष को खंडवार वाचन के दौरान ऐसा करने का अवसर मिलेगा।
श्री रोहिणी कुमार चौधरीः वह अवसर तो उनको भी मिलेगा।
माननीय अध्यक्षः यदि माननीय सदस्य ने अब हस्तक्षेप किया, तो मुझे उसको गंभीरता से लेना होगा। किसी प्रकार का कोई व्यवधान, हस्तक्षेप और टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। विधि मंत्री को अपनी बात कहने, तथ्यों की अपनी व्याख्या करने, जैसा वह ठीक समझते हैं, का अधिकार है। सम्भव है कि हम सब उससे सहमत न हो (व्यवधान) शांति, शांति। अब कोई उत्तर और तर्क नहीं दिये जायेंगे। मैं किसी प्रकार के व्यवधान डालने की अनुमति नहीं दूंगा। माननीय विधि मंत्री अपना भाषण जारी रख सकते हैं।