(प्रवर समिति की रिपोर्ट के प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा में वृद्धि) - Page 309

294 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

ऽहिंदू विवाह वैधता

(संशोधन विधेयक)

(धारा 2 का संशोधन)

श्री हिमातसिंगका (पश्चिम बंगाल)ः मैं प्रस्तावित करता हूँ कि हिंदू विवाह वैधता अधिनियम, 1949 (धारा 2 का संशोधन) में संशोधन करने के लिये विधेयक को प्रस्तुत करने की अनुमति दी जाये।

माननीय अध्यक्षः प्रश्न यह हैःµ

फ्कि हिंदू विवाह वैधता अधिनियम, 1949 (धारा 2 का संशोधन) में संशोधन करने के लिये विधेयक को प्रस्तुत करने की अनुमति दी जाये।य्

प्रस्ताव स्वीकृत हुआ।

श्री हिमातसिंगकाः मैं विधेयक पेश करता हूँ।

ऽऽहिंदू संहिताµजारी

माननीय अध्यक्षः इस कार्य-सूची की आगामी मद है, डॉ. अम्बेडकर का प्रसतवः हिंदू विधान की कुछ शाखाओं में संशोधन और संहिताकरण के लिये विधेयक जैसे कि प्रवर समिति के प्रतिवेदन में है, पर आगे विचार किया जाए।

अब, इस संदर्भ में अनेक संशोधन हैं। मैं एक-एक सदस्य को आमंत्रिक करूँगा।

श्री त्यागी (उत्तर प्रदेश)ः इस मामले की सभा को कोई जानकारी नहीं थी। मेरे विचार में सदस्यों को कुछ समय दिया जाना चाहिये।

माननीय अध्यक्षः शांति, शांति! एक समय पर एक व्यक्ति बोले। क्या माननीय विधि मंत्री को कुछ कहना है?

डॉ. अम्बेडकर (विधि मंत्री)ः इस पर विचार किया जाये।

माननीय अध्यक्षः एक सुझाव है कि यह बात सदस्यों को अचानक पता चली है।

डॉ. अम्बेडकरः यह तो नहीं कहा जा सकता, क्योंकि यह विधेयक गत 15 दिन से कार्यसूची में प्रकाशित होता रहा है।

ऽसी.ए. (विधि) डी., खंड 7, भाग II, 12 दिसम्बर, 1950, पृष्ठ 1551

ऽऽसी.ए. (विधि) डी. 4, खंड 7, भाग II, 14 दिसम्बर, 1950, पृष्ठ 1780-93