(प्रवर समिति की रिपोर्ट के प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा में वृद्धि) - Page 315

300 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

माननीय अध्यक्षः मैं इसकी अनुमति नहीं दे रहा। मैं यह विचार कर रहा था कि प्रस्ताव का सबसे अच्छा रूप क्या हो सकता है। एक विशेष सत्र बुलाने का है और दूसरा बजट सत्र में कोई तिथि निश्चित करने का है। तीसरा विकल्प बजट सत्र समाप्त होने के बाद की तिथि का है। क्या हम अगले सत्र तक स्थगित करने का सुझाव रख सकते हैं?

श्री नजीरुद्दीन अहमदः मैं इस बात को पूरी तरह सरकार पर छोड़ता हूँ।

माननीय अध्यक्षः निःसंदेह सामान्य संशोधन आगामी सत्र तक स्थगित रहेगा। क्या मैं यह कहूँः फ्कि हिंदू संहिता विधेयक पर वाद-विवाद आगामी बजट सत्र के दौरान किसी तिथि तक अथवा उसे बाद की किसी तिथि तक के लिये स्थगित किया जाये?य्

डॉ. अम्बेडकरः जहां तक उद्देश्य का सम्बन्ध है, सदस्यों तथा सरकार और अन्य लोगों के बीच कोई विवाद नहीं है, वे इस विषय पर सरकार के विचार के साथ पूरी तरह सहमत हैं कि विधेयक का अध्ययन करने के लिये सदस्यों को और समय दिया जाये और वे भली-भांति विचार करने के बाद अपनी राय दें, जैसा कि प्रधानमंत्री ने अभी कहा है। विधेयक पर खंडवार चर्चा के मामले में सरकार का सिलसिलेवार चलने का कोई इरादा नहीं है। इसलिये मेरा निवेदन यह है कि हिंदू संहिता विधेयक पर आगामी सत्र के दौरान जब भी वे चाहे, विचार करने की बात सरकार पर छोड़ दी जाये। वे चाहें, तो विशेष सत्र बुला लें, वे बजट सत्र की अवधि अधिक रख सकते हैं और उसके एक भाग का उपयोग हिंदु संहिता विधेयक के लिये कर सकते हैं अथवा सत्र के बाद कोई अन्य सत्र बुला सकते हैं। मैं किसी प्रस्ताव विशेष द्वारा सरकार को विवश नहीं करना चाहता। जैसा कि मैंने कहा मैं इस सत्र में विधेयक पास करवाने का इच्छुक नहीं हूँ। यह बिल्कुल असम्भव है। सम्भवतः यह बात बिल्कुल अनुचित भी है। फिर भी मैं इस प्रस्ताव का विरोध करना चाहता हूँ क्योंकि मैं नहीं चाहता कि श्री नजीरुद्दीन अहमद द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के परिणामस्वरूप विधेयक पर चर्चा को स्थगित किया जाये। सरकार ने एक आश्वासन दिया है और सरकार उस पर पाबंद रहेगी।

श्री नजीरुद्दीन अहमदः मुझे यह बात समझ में नहीं आती कि इस वक्रता का निशाना मुझे क्यों बनाया जा रहा है।

माननीय अध्यक्षः इसलिये मुझे प्रस्ताव के स्वरूप पर गम्भीरता से विचार करने की आवश्यकता नहीं है।

डॉ. अम्बेडकरः उनको अपने सभी प्रस्ताव प्रस्तुत करने दीजिए। हम सबको अस्वीकार कर देंगे।

श्री त्यागीः अथवा हम पिछले प्रस्ताव को प्रस्तुत करें और इस प्रस्ताव को स्थगित कर दिया जाये।