अनुभाग एक हिंदू संहिता विधेयक को प्रवर समिति को सौंपा जाना (17 नवम्बर, 1948 से 9 अप्रैल, 1948 तक) - Page 331

316 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

ऽहिंदू अंतरजातीय विवाह नियामक तथा मान्यकारी विधेयक

श्री मोहनलाल सक्सेना (उत्तर प्रदेशः सामान्य)ः महोदय, क्योंकि विधि मंत्री द्वारा मुझे सूचित किया गया है कि वह वर्तमान सत्र में हिदू संहिता विधेयक को प्रवर समिति को सौंपे जाने के लिए एक प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहे हैं, इसलिए अब मैं इस प्रस्ताव को पेश नहीं करना चाहता।

माननीय अध्यक्षः क्या मैं यह समझूं कि माननीय सदस्य इस समय प्रस्ताव पेश करना नहीं चाहते लेकिन वे इसे निरस्त करने के पक्ष में भी नहीं हैं?

श्री मोहन लाल सक्सेनाः जी, महोदय, यदि विधि मंत्री अपना प्रस्ताव पेश नहीं करते हैं तो मैं अपना प्रस्ताव पेश करूंगा।

ऽऽहिंदू विवाह मान्यता विधेयक

पंडित ठाकुर दास भार्गव (पूर्वी पंजाबः सामान्य)ः महोदय, मुझे हिंदू, सिक्खों, जैनियों तथा उनकी विभिन्न जातियों और उप-जातियों के मध्य होने वाले विवाहों को वैधता प्रदान करने संबंधी विधेयक को प्रस्तुत करने की अनुमति प्रदान की जाये।

माननीय अध्यक्षः प्रस्ताव हैः

फ्कि हिंदू सिक्खों, जैनियों तथा उनकी विभिन्न जातियों और उप-जातियों के मध्य होने वाले विवाहों को वैधता प्रदान करने संबंधी विधेयक को प्रस्तुत करने की अनुमति प्रदान की जाये।य्

प्रस्ताव स्वीकृत किया गया।

पंडित ठाकुर दास भार्गवः महोदय, मैं विधेयक को प्रस्तुत करता हूँ।

ऽऽऽहिंदू संहिता

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (विधि मंत्री)ः मैं प्रस्ताव करता हूँः

फ्कि हिंदू कानून के कुछ उपांगों को संशोधित और संहिताबद्ध करने संबंधी विधेयक श्री अल्लादि कृष्णा स्वामी अय्यर, डॉ. बख्शी टेक चन्द, श्री एम. अनन्त सायोनम अयंगर, श्रीमती जी. दुर्गाबाई, श्री एल. कृष्णास्वामी भारती, श्री यू. श्रीनिवास मलैय्या, श्री मिहिर लाल चट्टोपाध्याय, डॉ. पी.एस. देशमुख, श्रीमती रेणुका रे, डॉ. पी.के. सेन, बाबू रामनारायन सिंह,

ऽसंविधान सभा (विधायी) वाद-विवाद, खंड 1, 11 फरवरी, 1948, पृष्ठ 599

ऽऽसंविधान सभा (विधायी) वाद-विवाद, खंड 2, 26 फरवरी, 1948, पृष्ठ 599

ऽऽऽसंविधान सभा (विधायी) वाद-विवाद, खंड 4, 9 अप्रैल, 1948, पृष्ठ 3628-33