328 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
परन्तु हम उन मामलों से कैसे निपटेंगे जो आज की स्थिति में विद्यमान हैंः बहुत-सी पुत्रियां और बहनें हमें केवल निराश ही नहीं कर रही हैं बल्कि वे अपने-अपने घरों में भी परेशान हैं। हम अपनी परम्पराओं की दूसरों के समक्ष प्रशंसा करते हैं। फिर हम इस तथ्य से अपनी आँखें नहीं फेर सकते कि हमारे बहनें और पुत्रियां तथा अन्य संबंधी अपने-अपने घरों में परेशान हैं और छुटकारा नहीं पा रही हैं। बाद में मैंने अपनी महिलाओं के लिए एक प्रेम का आन्दोलन चलाने का सुझाव दिया था। यही एक उपचार है जिसको मैंने सोचा है और इस प्रश्न मे विरुद्ध मैं इसे केवल एक उपचार के रूप में सोच पाया हूँ। जब मैं अहमदाबाद किले में था तो मैंने फ्अपराजेय महिलाय् नामक एक पुस्तक पढ़ी थी। उस समय इंग्लैण्ड में एक युद्ध हुआ था और सभी महिलाएं उस युद्ध का प्रतिरोध करना चाहती थीं। वे किस प्रकार प्रतिरोध कर सकती थीं? पुरुष लालची होते हैं। पुरुष झगड़ालू और खून के प्यासे होते हैं। वे लड़ना चाहते हैं। वे अपने में चीते और बन्दर की ताकत मापना चाहते हैं। दूसरों की बन्दर और चीते की ताकत से अतः महिलाओं ने कहाः हमें प्रेम का आन्दोलन शुरू करना चाहिए। कोई युवा लड़की अपने प्रेमी से बात नहीं करेगी, कोई पत्नी अपने पति से बात नहीं करेगी, कोई मां अपने पुत्र से बात नहीं करेगी। पुरुषों को बहिष्कार कर दिया गया। पुरुषों और महिलाओं के बीच तब तक कोई सामाजिक संबंध नहीं रहा जब तक कि घोषित युद्ध समाप्त नहीं कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वे ऐसे लोगों के साथ नहीं रह पायेंगे। परन्तु, मैं इस मामले को आगे नहीं बढ़ाऊँगा। मैं सुझाव देता हूँ कि किसी गांव, कस्बे या मोहल्ले में किसी एक महिला के साथ दुर्व्यवहार होता है तो सभी पत्नियों को हाथ में डंडा लेकर घर से बाहर निकलना चाहिए और 24 घंटे बाहर रहना चाहिए और ऐसा करने से शीघ्र ही सभी बदमाश पतियों के दिमाग ठीक हो जाएंगे। सभी व्यक्ति उस मनुष्य पर अपना नैतिक प्रभाव डालेंगे और वे उनसे कहेंगेःµ फ्तुम कौन-सा नीच कार्य कर रहे हो? हम लोगों के घर टूट गए हैं और वे तब तक टूटे रहेंगे जब तक तुम अपनी पत्नी को साथ नहीं ले जाते हो।य्
अब आप इस बात पर हँसेंगे। परन्तु अब आप क्या करने जा रहे हैं? क्या आप व्यक्ति पर मुकदमा चलाने जा रहे हैं? वह अपने आरोपों को सामने लाएंगे। क्या आप पत्नी पर मुकदमा चलाने जा रहे हैं? वह तमाम आरोप लगाएंगी। आपको पति-पत्नी के झगड़े में नहीं पड़ना चाहिए। एक बार मैंने एक पति को अपनी पत्नी को मारते हुए देखा। मैं उनके पास गया और उनके मामले में हस्तक्षेप किया। महिला मेरी तरफ मुड़कर भेडि़ये की तरह आई। उसने कहा, फ्यह मेरा पति है जो मुझे मार रहा है। आप हमारे बीच हस्तक्षेप करने वाले कौन होते हैं?य् अतः आपके लिए किसी के घरेलू मामलों में आसानी से दखल देना संभव नहीं है। कौरव और पाण्डव जब लड़ते थे तो कहा करते थेः फ्हम पांच की तुलना में सौ हैं और तीसरे पक्ष के लिए हम 100$5 हैं।य् अतः इस घरेलू मामलों में जब हम दखल देते हैं तो दोनों हमारे विरुद्ध हैं। अतः यदि बेटी को
खुश रखना है तो उसे अपने अधिकारों से संपत्ति प्राप्त होनी चाहिए। मैं देखता हूँ कि