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लिए जोड़ दिया। उसने उससे पूछा थाः फ्क्या तुम फलां लड़के से विवाह करना चाहती हो जो कि सुन्दर है, देखने में अच्छा है, अच्छा पढ़ा-लिखा है, बी.ए. पास है अथवा किसी व्यवसाय में है, किसी धनी व्यक्ति का पुत्र है और अच्छा मकान हैय् तो उसने कहा, फ्नहीं पिताजी, क्या उसके पास मोटर कार, और बिजली नहीं है? यदि उसके पास मोटर कार और घर में बिजली है तो आप मेरा विवाह किसी से कर दें, मुझे चिन्ता नहीं है। मैं इच्छापूर्वक उससे विवाह कर लूंगी।य् अशिक्षित युवकों की ऐसी प्रवृतियां और विचार हैं और इसीलिए यह बहुत आवश्यक है कि हम इन सब मामलों में उनको शिक्षित करें। केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि युवा लड़कियों को एक-पत्नी विवाह की महत्ता के बारे में शिक्षित करने के लिए इन सब कानूनों को प्रचारित करने और लोकप्रिय बनाने की आवश्यकता है। यह बहुत ही आवश्यक है।
मैं इस विधेयक के प्रत्येक पहलू का स्वागत करता हूँ। यदि इसमें कुछ कमियां हैं, जो कि यत्र-तत्र स्पष्ट हो रही हैं, तो मैं यह विश्वास से कह सकता हूँ कि इन कमियों को उन सभी प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा दूर कर दिया जाएगा। जिनके नामों का उल्लेख प्रवर समिति की संरचना में किया गया है। मैंने आवश्यक समय की अपेक्षा ज्यादा समय ले लिया। शायद, मैं घंटों तब बोल सकता हूँ। मुझे सभी प्रकार की परिस्थितियों का सावधानी से अध्ययन करने का 68 वर्षों का अनुभव प्राप्त है तथा मैं अभी कुछ और कहना चाहता था परन्तु समय कम है और 7ः00 बजे हमें ‘गिलोटिन’ (बहस समाप्त करने का आदेश प्राप्त करना) का भी प्रयोग करना है तथा हमारे कुछ भाई-बहन भी बोलना चाहते हैं और मैं भी उनको सुनने का इच्छुक हूँ।
श्री नजीरुद्दीन अहमद (पश्चिम बंगालः मुस्लिम)ः महोदय, मेरी स्थिति बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि मेरे ऊपर मेरे मित्रों द्वारा मुझे सौंपे गये विशेष बिन्दुओं को बनाने का आरोप लगाया है। ये आरोप विधेयक की कुछ आलोचनाओं से संबंधित हैं। तथापि, मैं इस सभा को भरोसा दिलाता हूँ कि व्यक्तिगत रूप से मैं इस विधेयक का समर्थन करता हूँ। इस विधेयक के अधिकतर प्रावधान हमारे समुदाय में प्रचलित विधियों के अनुसार ही हैं और यह विधेयक करने की कोशिश व्यावहारिक कठिनाईयों को परे रख सभी के साथ पूर्ण न्याय करने की कोशिश करता है। तथापि इसमें कुछ आपत्तियां हैं जिनके बारे में कहने के लिए खड़ा हुआ हूँ। पाता हूँ कि सभा के प्रभावशाली सदस्य, जो इस विधेयक का विरोध करते, उच्च वर्ग के 5 प्रतिष्ठित सदस्यों की शक्तिशाली व्यूहरचना से सहम गये हैं, अपनी बन्दूक लेकर खड़े हैं तो इनके बीच मैं अपने विचार व्यक्त करने का थोड़ा साहस कर सकता हूँ, जिसे मुझे बताने का आरोप लगाया गया है।
महोदय, माननीय विधि मंत्री जी ने उन अभिमतों के बारे में हमें कुछ नहीं बताया जिनको संगृहीत करके पेम्फलेट में प्रकाशित किया और जो कि हमें परिचालित की