( viii ) फ्पुत्रय् में दत्तक पुत्र भी शामिल है चाहे उसे इस संहिता
के आरंभ होने से पूर्व अथवा बाद में दत्तक बनाया गया हो
परन्तु इसमें कोई अवैध पुत्र सम्मिलित नहीं है।
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भाग-दो, खंड 2 (ग) पृष्ठ-3
(4) संहिता का प्रत्यादेशित प्रभावः इस संहिता में दिए गए प्रावधानों के अतिरिक्त अन्यथाःµ
(क) इस संहिता के लागू होने से पहले हिंदू विधि का कोई भी पाठ, नियम अथवा व्याख्या या कोई परम्परा अथवा रीति का प्रभाव उन सभी मामलों में समाप्त हो जायेगा। किसी भी बात के परिपेक्ष्य में जिनके बारे में वह संहिता में कहा गया है_ और
(ख) इस संहिता के लागू होने से पूर्व कोई भी अन्य प्रभावी विधि अप्रभावी हो जायेगी जहां तक इस संहिता में अन्तर्निष्ट किन्हीं भी प्रावधानों से उनकी भिन्नता होती है।