अनुभाग दो - प्रवर समिति द्वारा संशोधित तत्कालीन हिंदू संहिता सहित डॉ. अम्बेडकर द्वारा तैयार हिंदू संहिता विधेयक का प्रारूप - Page 377

362 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

भाग दो विवाह और विवाह-विच्छेद
अध्याय 1
विवाह

(5) व्याख्याः इस भाग में, जब तक किसी संदर्भ की आवश्यकता न होः

(क) जिला न्यायालयः ऐसे कोई भी न्यायालय शामिल हैं जो जिला न्यायालय के

अधीन हों और जिनको राज्य सरकार द्वारा सरकारी राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

विनिर्दिष्ट किया गया हो_

(ख) ‘सपिण्ड संबंध’ ः एक व्यक्ति किसी भी व्यक्ति का सपिण्ड हो सकता है जिसका

उल्लेख तीसरी अनुसूची के प्रथम प्रभाग के पहले कॉलम में और एक स्त्री किसी

भी व्यक्ति की सपिण्ड हो सकती है जिसका उल्लेख उपर्युक्त प्रभाग के दूसरे

कॉलम में है_

(ग) ‘निषिद्ध संबंध की अवस्थाय् ः तीसरी अनुसूची के दूसरे प्रभाग के पहले कॉलम

में उल्लिखित एक आदमी और कोई भी व्यक्ति इसी प्रभाग के दूसरे कॉलम में

उल्लिखित एक स्त्री और कोई भी व्यक्ति निषिद्ध संबंध की अवस्था के अन्तर्गत

होते हैं।

व्याख्याः उप-उपबंध (ख) और (ग) के उद्देश्यों के लिए संबंध में निम्न शामिल हैंःµ

( i ) आधा अथवा विपितृज रक्त सम्बन्ध और पूर्ण रक्त सम्बन्ध_

( ii ) अवैध और वैध रक्त सम्बन्ध_

( iii ) दत्तकग्रहण और रक्त सम्बन्ध_

इन उप-उपबंधों में संबंध की और भी जो शब्दावलियां हैं, उनका तद्नुसार अर्थ लगाया जायेगा।