364 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
में ‘ग’, ‘क’ से पांचवी पीढ़ी है और ‘ख’ की मां की पंक्ति में ‘ख’ से
तीसरी पीढ़ी है, अतः ‘क’ और ‘ख’ एक दूसरे से सपिण्ड हैं।
( ii ) ‘क’ और ‘ख’ समरक्त भाई और बहन हैं। सपिण्ड संबंधों की सीमा में उनके
वंशज आपस में सपिण्ड होंगे। उनके पिता के वंशज और उसके पूर्वज भी
‘क’ और ‘ख’ के सपिंड होंगे और उनके वंशज सपिण्ड सम्बन्धों की सीमा
में होंगे। परन्तु ‘क’ के ममेरे दादा आवश्यक रूप से ‘ख’ के ममेरे दादा के
सपिण्ड नहीं होंगे और न ही ‘क’ के ममेरे दादा का पुत्र् आवश्यश्क रूप
से ‘ख’ के ममेरे दादा के पुत्र का सपिण्ड होगा।
( iii ) ‘क’ और ‘ख’ विपितृज भाई और बहन हैं। उनके वंशज सपिण्ड संबंधों की
सीमा में आपस में एक-दूसरे के सपिण्ड होंगे। उनकी मां के वंशज और
उसके पूर्वज तथा सपिण्ड सम्बन्धों की सीमा में उनके पूर्वज भी ‘क’ और
‘ख’ के सपिण्ड होंगे। परन्तु यह आवश्यक नहीं कि ‘क’ के पैतृक दादा
‘ख’ के पैतृक दादा के सपिण्ड हों और यह भी जरूरी नहीं कि ‘क’ के
पैतृक दादा का पुत्र ‘ख’ के पैतृक दादा के पुत्र का सपिण्ड हो।
(6) हिंदू विवाह की विधियांः यहां दिये गये तथ्यों को छोड़कर, हिंदुओं का कोई भी विवाह वैध नहीं समझा जायेगा जब तक कि यह इस प्रकार न हुआ होः
(क) एक धार्मिक विवाह के रूप में, अथवा
(ख) एक रजिस्ट्री (कानूनी) विवाह के रूप में, अथवा
(ग) खण्ड 24 क के उन प्रावधानों के अनुसार जिन पर ये लागू होते हों।
(7)
धार्मिक विवाह के सामान्य प्रावधान
(7) वैध धार्मिक विवाह के लिए आवश्यकः दो हिंदुओं के बीच धार्मिक विधि से हुआ विवाह तभी वैध होगा, जब वे निम्नलिखित शर्तें पूरी करेंगे यथाµ
( i ) विवाह के समय किसी भी पक्ष का पति या पत्नी जीवित नहीं होने चाहिए।
( ii ) विवाह के समय कोई भी पक्ष मूर्ख अथवा पागल न हों_
( iii ) विवाह के समय दूल्हे ने उम्र 18 वर्ष और दुल्हन ने उम्र 15 वर्ष पूरी की हो_
( iv ) दोनों पक्षों के बीच निषिद्ध सम्बन्ध की अवस्था न रही हो_