अनुभाग दो - प्रवर समिति द्वारा संशोधित तत्कालीन हिंदू संहिता सहित डॉ. अम्बेडकर द्वारा तैयार हिंदू संहिता विधेयक का प्रारूप - Page 380

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( v ) जब तक दोनों पक्षों में से प्रत्येक को उनकी परम्परायें और रीति-रिवाज जो

उन्हें अधिशासित करते हैं, उन दोनों को धार्मिक विवाह की अनुमति नहीं

देते हैं। तब तक दोनों पक्ष आपस में सपिण्ड नहीं हो सकते।

( vi ) यदि लड़की (दुल्हन) ने 16 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है तो विवाह में

उसके संरक्षक से विवाह की अनुमति प्राप्त की गई है।

(8)
रजिस्ट्री विवाह के सामान्य प्रावधान

(8) वैध रजिस्ट्री विवाह के लिए आवश्यक शर्तेंः रजिस्ट्री विधि से दो हिंदुओं के बीच हुआ विवाह तभी वैध होगा, जब वे निम्नलिखित शर्तें पूरी करेंगे यथाःµ

( i ) विवाह के समय किसी भी पक्ष के पति या पत्नी नहीं होने चाहिए_

( ii ) विवाह के समय कोई पक्ष मूर्ख अथवा पागल न हो_

( iii ) विवाह के समय लड़के ने 18 वर्ष और लड़की ने 15 वर्ष की उम्र पूरी

कर ली हो_

( iv ) दोनों पक्षों के बीच निषिद्ध सम्बन्ध की अवस्था न रही हो_

( v ) यदि विवाह के समय लड़का या लड़की ने 21 वर्ष की उम्र न पूरी की हो

तो प्रत्येक पक्ष को अपने संरक्षक से सहमति प्राप्त करना होगाः

परन्तु यदि लड़की (दुल्हन) विधवा है तो ऐसी स्थिति में किसी सहमति की आवश्यकता नहीं होगी।

(6) हिंदू विवाह के प्रकारः यहां दिये गये किन्हीं भी प्रावधानों के सिवाय, हिंदुओं के बीच किसी भी विवाह को विधिक मान्यता नहीं प्राप्त होगी जब तक कि या तो वह सांस्कारिक विवाह के रूप में अथवा इस भाग के प्रावधान के अनुसार रजिस्ट्री विवाह के रूप में न हो।

भाग IV , खंड 1, पृष्ठ 15