हिंदू विवाह वैधता विधेयक - Page 38

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प्रवर समिति से इसकी सिफारिश होनी है। यही वह कारण है, जिसे मैं आपके समक्ष निवेदन करना चाहता हूँ। आखिरकार करदाता को उस समय के प्रत्येक मिनट के लिए कर अदा करना होता है, जो सदन में व्यतीत होता है। और मैं विलम्बकारी अथवा बाधा पहुँचाने वाली बात को पसंद नहीं करता। इसी प्रकार ख्...,

श्री तजामुल हुसेनः आप वही सब कुछ कर रहे हैं।

एक माननीय सदस्यः वह अध्यक्ष के आदेश पर ही फिर से भाषण कर रहे हैं।

पंडित ठाकुर दास भार्गवः मैं आशा करता हूँ कि यह सदन मुझे कुछ समय तक और सुनना चाहेगा।

माननीय उपाध्यक्षः क्या माननीय सदस्य और अधिक समय लेना चाहेंगे?

पंडित ठाकुर दास भार्गवः जी हां, श्रीमान।

(सदन भोजन अवकाश के लिए कुछ सयम तक स्थगित हो गया।)

(सदन की बैठक भोजन अवकाश के बाद अपराहन् 2.30 बजे पुनः आरम्भ हुई।)

माननीय उपाध्यक्ष (श्री एम. अनंत सयनम आयंगर) सभापति के आसन पर विराजमान हुए।

पंडित ठाकुर दास भार्गवः श्रीमान, जब सदन भोजनावकाश के लिए स्थगित हुआ था, उस समय मैं आपके विचारार्थ यह निवेदन कर रहा था कि प्रवर समिति का कार्य विधेयक की पठन सामग्री के शब्द प्रति शब्द को देखना है_ प्रवर समिति का कार्य विधेयक की पठन सामग्री में खंड प्रति खंड जाने का है, और यदि आवश्यक हो तो शब्द प्रति शब्द पर विचार करना है। इस संबंध में मैं, में की संसदीय व्यवहार, पर का उल्लेख करना चाहूँगा।

माननीय उपाध्यक्षः क्या मैं माननीय सदस्य से यह निवेदन कर सकता हूँ कि वह दूसरा विषय उठायें क्योंकि मैं पहले ही आदेश दे चुका हूँ।

पंडित ठाकुर दास भार्गवः मैं आपके आदेश का आदर करता हूँ। आपने कृपापूर्वक यह कहा था कि आप अध्यक्ष द्वारा दिये गये आदेश को बदलना नहीं चाहते और मैं भी नहीं चाहता कि उस आदेश को बदला जाए। वास्तव में, यह मेरा दुर्भाग्य है कि मैं खुद को ऐसा नहीं कर पाया कि सदन की सराहना प्राप्त हो। अध्यक्ष आसन्दी का आदेश है कि यह विधेयक प्रवर समिति के पास उस समय था, जब इस विधेयक के मसौदे पर विचार किया जा रहा था। मैं इसके बारे में बिल्कुल विवाद नहीं चाहता। मेरे विवाद का विषय यह है कि प्रवर समिति का कार्य यह था कि उन्हें मूल विधेयक पर खंड प्रति