368 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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पंजीकृत विवाह की औपचारिकताएँ
(11) विवाह पंजीयकः राज्य सरकार एक या अधिक हिंदू विवाह पंजीयक नियुक्त कर सकती है। फ्पंजीयकय् के रूप में सन्दर्भित इस भाग में, राज्य अथवा उसका कोई भाग और वह क्षेत्र जिसके लिए कोई पंजीयक नियक्त दिया गया है, उसे उसका जिला कहा जायेगा।
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(12) पंजीकृत को विवाह की सूचनाः जब इस भाग के अन्तर्गत पंजीकृत विवाह किए जाने का कार्य होता है तो विवाह करने वाले पक्ष चौथी अनुसूची में दिये गए प्रारूप में जिले के पंजीयक को लिखित रूप से सूचना देंगे जिसमें कम से कम एक वैवाहिक पा ऐसी सूचना देने से पहले उस क्षेत्र में कम से कम 30 दिन तक रहा हो।
(8) आवश्यक अनुष्ठानः
(1) सांस्कारिक विवाह पूर्ण और किन्हीं पक्षों पर तब तक बाध्यकारी नहीं होगा जब तक कि वह दोनों पक्षों में से किसी की भी ऐसी धार्मिक परम्पराओं और अनुष्ठानों के माध्यम से नहीं होता है जो कि ऐसे विवाह के लिए आवश्यक हों।
(2) जिन धार्मिक परम्पराओं और अनुष्ठानों में सप्तपदी शामिल
भाग IV , खंड 4, पृष्ठ 15
है (अर्थात् पवित्र अग्नि के समक्ष दूल्हा व दुल्हन संयुक्त रूप से सात फेरे लेते हैं) ऐसे विवाह सातवां फेरा लेने के बाद पूर्ण और बाध्यकारी हो जाते हैं।
(3) इस भाग में अन्तर्विष्ट किसी प्रावधान के होने के बाद भी, सांस्कारिक विधि से हुए विवाह, विवाह सम्पन्न होने के बाद, किसी भी पक्ष द्वारा धार्मिक परम्परायें और अनुष्ठानों के निष्पादन में किसी प्रकार की मात्र अनियमितता के आधार पर अवैध नहीं समझा जायेगा।
(9) सांस्कारिक विवाहों को पंजीयनः
(1) किसी सांस्कारिक विवाह के प्रमाण को प्राप्त करने के उद्देश्य भाग IV , खंड 6, से प्रांतीय सरकार नियमानुसारःµ पृष्ठ 15
(क) ऐसे विवाहों से संबंधित विवरणों की प्रविष्टि इस उद्देश्यों के लिए रखे गए
सांस्कारिक विवाह रजिस्टर में इस उद्देश्य के लिए ऐसे तरीके से और ऐसी
स्थिति में की जायेगी जिससे कि यह उचित प्रतीत हो_