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(49)
(47) संपत्ति का निपटाराः इस भाग के अन्तर्गत अपने न्यायाधिकार का प्रयोग करते हुए कोई न्यायालय आज्ञप्ति देते समय निम्नलिखित मामलों में अपने आज्ञप्ति में ऐसे प्रावधान बना सकती है जो कि उसे न्यायापूर्ण और उचित प्रतीत होःµ
(1) किसी संपत्ति के संबंध में जोकि निर्णय दिये जाने के तुरन्त पहले पति और पत्नी
दोनों से संयुक्त रूप से संबंधित हो_
(2) कोई संपत्ति जो पत्नी से संबंधित हो, चाहे वह खंड 93 में परिभाषित दहेज के
रूप में हो या अन्य किसी रूप में, और जो कि पति के आधिपत्य में हो।
(50)
आज्ञप्तियों के निष्पादन को निष्पादित करना और
आदेशों से अपील करना
(48) आज्ञप्तियों का प्रवर्तन और आदेशों से अपील करनाः इस भाग के अन्तर्गत किसी कार्रवाई में न्यायालय द्वारा दिए गए सभी आज्ञप्ति और आदेश का प्रवर्तन इस तरह होगा जैसा कि वास्तविक सिविल न्यायाधिकार का प्रयोग करते हुए दिए गए आज्ञप्ति और आदेश के दौरान किया जाता है और तत्संबंध में अपील इस समय प्रचलित कानूनों के अन्तर्गत की जा सकती हैः
बशर्ते केवल लागत के विषय पर कोई अपील ग्रहण नहीं होगी।
(49) आज्ञप्तियों का प्रवर्तन और आदेशों से अपील करनाः इस भाग के अन्तर्गत किसी कार्रवाई में न्यायालय द्वारा दी गई आज्ञप्ति और आदेश का प्रवर्तन इस तरह होगा जैसा कि वास्तविक सिविल न्यायाधिकार का प्रयोग करते हुए दी गई आज्ञप्ति और आदेश में होता है और तत्संबंध में अपील उस समय प्रचलित कानूनों के अन्तर्गत की जा सकती है?
बशर्ते µ
(1) विवाह विघटन हेतु जिला न्यायालय की आज्ञप्ति पर अथवा किसी आज्ञप्ति की
पुष्टि अथवा पुष्टि को मना करते हुए उच्च न्यायालय के आदेश पर कोई अपील
नहीं होगी_
(2) केवल लागत के विषय पर कोई अपील ग्रहण नहीं होगी।