अनुभाग दो - प्रवर समिति द्वारा संशोधित तत्कालीन हिंदू संहिता सहित डॉ. अम्बेडकर द्वारा तैयार हिंदू संहिता विधेयक का प्रारूप - Page 415

400 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अध्याय - चार
मरुमकट्यम अथवा अलियसंतान विवाह के
विच्छेद के लिए विशेष उपबंध

(49) मरुमकट्यम अथवा अलियसंतान विवाह का विच्छेदः

(1) खंड 24 (क) के उपखंड (4) में दिए गए उपबंधों के अतिरिक्त, उस खंड के

अन्तर्गत संपन्न हुआ कोई भी विवाह-विच्छेद हो सकता हैःµ

(क) खंड 49 के के अन्तर्गत अकृतता की आज्ञप्ति द्वारा_

(ख) खंड 49 ख के अन्तर्गत तलाक के किसी आदेश द्वारा_

(ग) विवाह के पक्षों द्वारा प्रयोग किये गये विघटन की पंजीकृत विधि द्वाराः

बशर्ते, यदि विवाह के सभी पक्ष ने 18 वर्ष की अवस्था पूरी नहीं की है तो कोई

भी विवाह तब तक किसी तलाक के निर्णय से विच्छेदित नहीं होगा जब तक कि

यह आवश्यक उम्र पूरी न कर ले।

(2) विवाह-विच्छेद की पंजीकृत विधि द्वारा किसी विवाह का विघटन उस विधि के

पंजीकरण की तिथि से प्रभावी होगा।

(52)

(49क) मरुमकट्यम अथवा अलियसंतान विवाह के अकृतता की आज्ञप्ति का आधारः

(1) मरुमकट्यम अथवा अलियसंतान कानून के अंतर्गत इस संहिता के लागू होने से पूर्व

संपन्न हुआ कोई विवाह का विवाहोच्छेद अकृतता की आज्ञप्ति द्वारा हो सकता हैःµ

(क) यदि विवाह के समय प्रचलित किसी कानून के उपबंधों के कारण से कोई

विवाह इस आधार पर अवैध हो जाता है कि विवाह के समय किसी भी

पक्ष के पति/पत्नी हैं_ अथवा

(ख) यदि विवाह के समय कोई भी पक्ष खंड 5 के उपखंड (ख) के यथा

परिभाषित निषिद्ध संबंध के स्तर में हैंः

बशर्ते, इस प्रकार संपन्न हुआ कोई भी विवाह इस उपखंड की धारा (ख) के

अन्तर्गत रद्द नहीं होगा, यदि विवाह के समय प्रचलित किसी कानून के प्रावधानों

के अन्तर्गत यह विवाह वैध था।