अनुभाग दो - प्रवर समिति द्वारा संशोधित तत्कालीन हिंदू संहिता सहित डॉ. अम्बेडकर द्वारा तैयार हिंदू संहिता विधेयक का प्रारूप - Page 426

411

श्री नजीरुद्दीन अहमदः मैं सदन के समक्ष यह बताने जा रहा हूँ कि कुछ बदलाव किए गए हैं, कुछ गंभीर बदलाव किए गए हैं।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः उन्हें उजागर करे। मैं किए गए बदलावों के बारे में जानने की प्रतीक्षा कर रहा हूँ। माननीय सदस्य इसके लिए समय ले सकते हैं, किंतु वे बतलाएँ कि बदलाव क्या हैं?

श्री नजीरुद्दीन अहमदः मैं अपने तरीके से आगे बढूंगा।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडरकः वह इस तरीके से बात नहीं कर सकते।

श्री नजीरुद्दीन अहमदः मेरा कहना है कि मूल बिल श्री जोगेन्द्र नाथ मंडल द्वारा पेश किया गया था। इस पर 1 अगस्त, 1946 तारीख मुद्रित है। यह वही बिल था जो प्रवर समिति को भेजा गया था। तदोपरांत, 16 अगस्त, 1948 को मुद्रित बिल, वह बिल है, जो रिपोर्ट के साथ प्रवर समिति द्वारा जारी किया गया।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इसमें मुद्दा क्या है?

श्री नजीरुद्दीन अहमदः मैं उसी पर आ रहा हूँ। इन दो बिलों के बीच गंभीर विषमताएं हैं।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः वही हम सब जानने के लिए प्रतीक्षारत हैं।

श्री नजीरुद्दीन अहमदः यदि यह स्वीकार है तो मैं महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आगे बढ़ना चाहूंगा। मूल बिल और प्रवर समिति की रिपोर्ट में परिशिष्ट के रूप में जोड़े गए बिल में गंभीर विषमताएं थीं। (बीच में हस्तक्षेप हुआ) इससे मैं अपनी बात शीघ्रता से नहीं रख पा रहा हूँं। मेरा कहना है कि इन दो बिलों के बीच एक बहुत रोचक दस्तावेज आया है। यह एक विभागीय प्रारुप है जो 17 जुलाई, 1948 को मुद्रित हुआ था। वह वही प्रारुप है जो इन दोनों बिलों के बीच आया। इस विभागीय प्रारुप पर समस्त नियमापत्तियां उठाई गईं और बहस हुई यहां तक कि इस विचार-विमर्श में भी, यदि मैं ठीक से समझ रहा हूँ, माननीय कानन मंत्री ने, विभागीय बिल का कोई उल्लेख नहीं किया है, बल्कि यह कहा है कि सभी बदलाव प्रवर समिति द्वारा किए गए थे, उनके द्वारा नहीं। यहाँ में 17 जुलाई, 1948 के उस बिल का हवाला दे रहा हूँ।

श्री महावीर त्यागीः वह प्रवर समिति की बैठक से पहले का था।

श्री नजीरुद्दीन अहमदः मैं यह बताने के लिए अपने मित्र श्री त्यागी का आभारी हूँ कि उसके मुद्रण की तारीख अर्थात् 17 जुलाई, 1948 थी, जो प्रवर समिति की कथित बैठक से पूर्व मुद्रित हुआ था। मेरा कहना है कि यह बिल....