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पुनः यह विषय नहीं उठाया जा रहा है। मैं विशेष रूप से एक माननीय सदस्य, पंडित गोविन्द मालवीय का उल्लेख करना चाहता हूँ, जो यहां आए और जो बहुत लम्बे समय तक बोलना चाहते थे और जब वह आश्वस्त थे कि मामला नहीं उठाया जा रहा हैख्...,
अनेक माननीय सदस्यः आश्वस्त, किसके द्वारा?
पंडित लक्ष्मी कांत मैत्रेयः अधिकांश लोग जानते हैं। यह सदन के सामान्य कामकाज का मामला नहीं था। सरकार का कोई भी सदस्य खड़ा नहीं हुआ और न ही उसने कुछ ऐसा कहा ‘‘मैं आपको आश्वासन देता हूँ कि इस मामले पर चर्चा होगी।’’ ऐसा कुछ नहीं हुआ। सभी को यह राय, पार्टी में होने वाली और अन्य कहीं होने वाली सेमिली कि यह मामला किसी तरह इस सत्र में उठने वाला नहीं है। (हस्तक्षेप) ऐसा होने पर यदि यह मामला अभी उठता है तो इससे सदन के शिष्टाचार में कमी आ जाएगी। मैं सोचता हूँ यह बिल ऐसी विवादग्रस्त प्रवृत्ति का है कि मैं नहीं समझता कि आपको इस बिल पर इस तरह चर्चा की अनुमति देनी चाहिए, जिस प्रकार इसके विभिन्न चरणों में बार-बार ऐसा किया जा रहा है। श्रीमान्, आप इस पर इस दृष्टिकोण से विचार करें, जो मैं सदन के समक्ष रख रहा हूँ। सदन में क्षीण उपस्थिति है और क्योंकि बजट पर होने वाली बहस पूरी तरह समाप्त हो चुकी है, अधिकांश सदस्यों की सोच यही थी-और काफी हद तक सही थी। अतः जब बदलाव का कोई विचार नहीं था, तो अचानक सत्र के इस अंतिम चरण में इस प्रकार का प्रस्ताव लाना चौंकाने वाली ही है, और मैं समझता हूँ कि यह उचित नहीं है।
एक माननीय सदस्यः श्रीमान्, हम आपका निर्णय चाहते हैं।
माननीय अध्यक्षः किंतु यहां कोई व्यवस्थागत आपत्ति नहीं है।
श्री महावीर त्यागी (उत्तर प्रदेशः सामान्य) तो भी मैं जानना चाहता हूँ कि विचार-विमर्श कितनी देर तक चलने का प्रस्ताव है। मेरे प्रान्त के मेरे मित्रों ने मुझे यह जानकारी देने का अनुरोध किया था कि हिंदू कोड बिल विचार-विमर्श के लिए कब रखा जाएगा। मैं उन्हें जानकारी नहीं दे सकता, क्योंकि मैं नही जानता कि क्या बिल पर केवल आज विचार होगा अथवा कल अथवा किसी अन्य दिन अथवा सत्र के अंत तक विचार होगा। अतः श्रीमान् क्या अब आप सदन को यह बताने की स्थिति में हैं कि इस बिल पर कितनी लम्बी चर्चा करने जा रहे हैं, ताकि मेरे मित्रों को आने का समय मिल जाए। मैं उन्हें इस बारे में सूचित कर सकूं।
माननीय उपाध्यक्षः पंडित मैत्रेय ने जो कुछ कहा, उससे मुझे पूरी सहानुभूति है, किंतु मुझे कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। जहाँ तक मुझे जानकारी है-मैं इस संसद में