430 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
किए गए थे। इसलिए मैं मानता हूँ, कि यदि मैं यह दिखा सकता हूँ कि उक्त समुचित बदलाव वास्तव में विभागीय समिति द्वारा किए गए थे और प्रवर समिति ने शायद ही बदलाव किए थे, तब इस पर सदन में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हो सकेगा। प्रवर समिति को एकदम तैयार नया बिल दिया गया था ओर प्रवर समिति की रिपोर्ट में यह आश्वासन था कि इसमें कोई खास बदलाव नहीं किए गए हैं और यह भी कि बदलावों के द्वारा केवल धाराओं का पुनर्नियोजन किया गया है या उनका क्रम फिर से व्यवस्थित कर दिया गया है और ऐसे सामान्य बदलाव किए गए हैं, जो पूरी तरह से प्रारुप की प्रकृति के ही हैं। यह आश्वासन हमें प्रवर समिति की रिपोर्ट में मिलता है। अतः मैं यह दर्शाना चाहूंगा कि उक्त बदलाव विभागीय समिति द्वारा किए गए है। उन बदलावों को ढूंढ पाना भी सरल नहीं है, अतः मैं किसी माननीय सदस्य से यह जान पाने में असफल रहने का दोष नहीं देना चाहता। अतः मुझे एक तुलनात्मक चार्ट तैयार करना था, जिसमें केवल क्रमांक का ही उल्लेख नहीं था, बल्कि तीनों बिलों की धाराओं और उप-धाराओं को भी एक-एक करके लिखा गया था। मैंने विभागीय बिल की एक प्रति मांगी थी, किंतु वह मुझे नहीं मिली। श्रीमान् मैं कहता हूँ कि विभागीय बिल एक बहुत महत्वपूर्ण दस्तावेज है और इसे सदस्यों को दिया जाना चाहिए। हमें प्रवर समिति के समक्ष उपस्थित गवाहों के साक्ष्य की एक रिपोर्ट दी गई, किंतु सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज, जिसने अंतिम बिल तैयार किए जाने में बड़ी भूमिका अदा की है, की प्रति अभी तक नहीं दी गई है। मैंने बड़ी कठिनाई से एक प्रति प्राप्त की है, जो मुझे विभाग से नहीं, बल्कि एक माननीय सदस्य के माध्यम से मुझे मिली है। अतः श्रीमान्, मैंने मूल बिल के समुचित प्रावधानों और विभागीय बिल तथा अंतिम बिल के समकक्ष प्रावधानों को समानांतर कॉलमों में प्रस्तुत करके तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार की है। उससे मैंने यह पाया कि तुलनात्मक चार्ट के माध्यम से भी बदलावों की वास्तविकता का वर्णन करना बहुत ही कठिन है।
मैं प्रयासरत हूँ कि बिल समानांतर कॉलमों में मुद्रित हो जाएं। किंतु मुझे खेद है कि यह कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हो सका है और उन्हें सदस्यों की सुविधा के लिए दिया नहीं जा सकता है। किंतु मैं यहाँ पर किए गए बदलावों का एक-एक करके उल्लेख कर सकूँगा। ऐसा करने के समय, मैं विभागीय समिति द्व़ारा किए गए बहुत खास बदलावों का जिक्र करूंगा। तदनुसार विभागीय समिति द्व़ारा किए गए बदलावों पर विचार-विमर्श से इस मुद्दे पर निर्णय भी हो सकेगा। मैं विभागीय समिति द्वारा किए गए उन बदलावों का उल्लेख करूंगा, जिन्हें विभाग द्वारा अधिकारिक तौर पर मानने से इंकार किया गया है और सदन के सदस्यों को भी जिनकी जानकारी नहीं है। अतः सदन को मूल बिल की कुछ धाराओं पर विचार-विमर्श करने में प्रसन्नता होगी।
यह भाग- I, धारा-2 उप-धारा (3) (क) में हैं। इसकी समकक्ष धारा विभागीय बिल की धारा 2 उप-धारा (2) है। मूल बिल में कहा गया हैः