अनुभाग दो - प्रवर समिति द्वारा संशोधित तत्कालीन हिंदू संहिता सहित डॉ. अम्बेडकर द्वारा तैयार हिंदू संहिता विधेयक का प्रारूप - Page 465

450 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

श्री नजीरुद्दीन अहमदः मेरा मुद्दा यह है कि प्रवर समिति के सदस्यों को परिवर्तनों की जानकारी नहीं दी गई थी।

माननीय अध्यक्षः इससे कोई उपयोगी बात सिद्ध नहीं होती। यह कोई कानूनी प्रश्न नहीं है कि क्या इस सदन को प्रवर समिति द्वारा किए गए कार्य के बारे में न्यायाधिकार प्राप्त हो गया है। यह निर्णय हो चुका है और पर्याप्त रूप से यह दर्शाने के लिए इस बात पर विचार-विमर्श भी हो चुका है कि प्रवर समिति ने एक निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले प्रत्येक धारा पर विचार कर लिया है। किन्तु वस्तुगत मामलों पर, पुराने कानून में बड़े परिवर्तन किए गए है। इसमें कुछ सच्चाई है। वे ही ऐसे मामले हैं, जिन पर माननीय सदस्य को सदन में संबोधन करना चाहिए। मैं यह नहीं कह सकता कि जो कहा गया है, वह ठीक नहीं है, किंतु काफी कुछ कह दिया गया है।

श्री नजीरुद्दीन अहमदः कुछ माननीय सदस्यों को पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई है। ऐसा बताया गया है कि ये परिवर्तन महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं हैं और मैं उन पर बात करते हुए इस बात का ध्यान रखूंगा। स्थिति यह है कि किए गए परिवर्तनों की संख्या बहुत अधिक है, जिस पर सदन का ध्यानाकर्षित करना कठिन काय्र है। वास्तव में, परिवर्तन बहुत गंभीर है और बहुत अलग हैं तथा बहुत महत्वपूर्ण हैं और मेरा तर्क यह है कि उन्हें प्रवर समिति द्वारा नहीं किया गया था। उन्होंने उन परिवर्तनों को स्वीकार किया था अथवा नहीं, यह एक अलग मामला है। मेरा विश्लेषण यह है कि उन्हें पहले से तैयार एक विधेयक के साथ प्रस्तुत किया गया था इस आश्वासन के साथ कि उनमें कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं हैं और इस प्रकार प्रवर समिति का पूरा ध्यान इस मामले की ओर नहीं दिलाया गया। अब हमें इस बात पर विचार करना चाहिए कि सूची में दिए गए उत्तराधिकार संबंधी वास्तविक परिवर्तन कौन से हैं। वास्तव में मूल विधेयक में उत्तराधिकार की सूची पृष्ठ संख्या 4, 5 और 6 पर दी गई है। इसे पूरी तरह से इस जगह से उठाकर विभागीय विधेयक में सातवें अनुसूची में रख दिया गया है, जबकि अन्य भाग मूल पाठ में ही रखे गए हैं। उत्तराधिकार की सूची बड़े हैरतअंगेज ढंग से और बिना जवाबदेही के वहां से हटा दी गई है। अतः मूल सूची की तुलना नई सूची से करना बहुत सरल नहीं है जो सातवी अनुसूची में रखी गई है उसमें गंभीर और महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। यहाँ माननीय मंत्री महोदय स्वयं जानना चाहते हैं कि किए गए परिवर्तन कौन से हैं।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मुझे उनकी पूरी जानकारी है। जहां तक मेरा प्रश्न है, आपको मुझे जानकारी देने के लिए मेहनत करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

श्री नजीरुद्दीन अहमदः यदि ये परिवर्तन जानबूझ कर किए गए हैं, तो यह कहने में क्या तुक है कि प्रारूप समिति द्वारा कोई परिवर्तन नहीं किए गए थे और यह