494 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
बाधा डाल सकता है। यदि यह विधेयक इस सत्र में पारित नहीं होता है, तो हमारे सभी प्रयास और गांधी जी के सभी प्रयास विफल हो जाएंगे। अतः मेरा डॉ. अम्बेडकर से अनुरोध है, वे अपनी आपत्ति को वापस ले लें और इस विधेयक को यथासंभव पारित करने के लिए सहमत हो जाएं क्योंकि इससे उन्हें हिंदू संहिता के संगत भाग को पारित कराने में सहायता मिलेगी।
श्री के. हनुमनतैयाः मैंने श्रीमती एनी मैसकरीन का नाम सुझाया था, क्या माननीय सदस्य ने उसे स्वीकार कर लिया है?
माननीय उपाध्यक्षः हाँ, मैं समझता हूँ कि माननीय विधि मंत्री जानना चाहते हैं कि कितने लोग प्रतीक्षा सूची में हैं।
प्रश्न है किःµ
फ्कि हिंदुओं, सिखों, जैनियों और उनकी विभिन्न जातियों तथा उपजातियों के विवाहों को विधिमान्य बनाने वाले विधेयक को प्रवर समिति को भेजा जाए, जिसके ज्ञानी गुरुमुख सिंह मुसाफिर, सरदार हुक्म सिंह, श्री एम. अनन्तशयनम् आयंगर, श्री देशबंधु गुप्ता, श्रीमती दुर्गाबाई, श्रीमती रेणुका रे, श्री रामनाथ गोयल, डॉ. बक्शी टेक चन्द, लाला अंचितराम, चौ. रणबीर सिंह, श्री महावीर त्यागी और प्रस्तावक सदस्यों को और समिति की बैठक के लिए कम से कम पांच सदस्य इसमें अनिवार्य रूप में उपस्थित होंगे।य्
प्रस्ताव स्वीकृत हुआ।