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माननीय सभापतिः मैं मुद्देवार आगे बढूंगा। पहले व्यवस्था के प्रश्न पर चर्चा करें? माना जाए कि व्यवस्था का पहला प्रश्न विधेयक के हक में है, माननीय सदस्य द्वारा उठाया गया दूसरा प्रश्न होगा और इसलिए वे अपने प्रश्न को बाद में उठा सकते हैं।
श्री जसपत रायकपूरः मेरा कहना है कि यदि श्री नजीरुद्दीन अहमद द्वारा उठाए गए प्रश्न पर सदन में चर्चा होती है, तो प्रश्न यह है कि क्या यह इस प्रश्न पर चर्चा के लिए सक्षम है।
माननीय सभापतिः मैं इस बात से सहमत नहीं हूँ कि इस मुद्दे को पहले लिया जाए। यह निर्णय करना पीठाध्यक्ष का काम है कि प्रवर समिति ने उसे भेजे गए विधेयक पर विचार किया था या किसी अन्य पर और क्या उसकी रिपोर्ट ली जाए अथवा नहीं। इसका निर्णय होने के पश्चात् माननीय महोदय मुझे बता सकते हैं कि किस कानून या परम्परा के अनुसार यह सदन इस विधेयक पर चर्चा करने के लिए सक्षम नहीं है। यह रास्ता ठीक रहेगा। हमें समय की बचत करनी चाहिए।
श्री जसपत राय कपूरः महोदय, क्या मैं कुछ कह सकता हूँ।
माननीय सभापतिः नहीं, पंडित भार्गव जी।
पंडित ठाकुर दास भार्गवः महोदय मैं आपके समक्ष कुछ तथ्य और कुछ कानून रखना चाहता हूँ, जो इन तथ्यों पर लागू होंगे। उदाहरण के तौर पर, मैं यह बताना चाहता हूँ कि प्रवर समिति के समक्ष कार्यवाही इस सदन के नियमों का दुरुपयोग करना था। प्रवर समिति और विधि विभाग की प्रक्रिया द्वारा इस सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन किया गया है। दूसरे, यदि मेरी बात सही है, तो प्रवर समिति ने दूसरे विधेयकों पर विचार किया है और उस विधेयक पर विचार नहीं किया, जो उसे सभा द्वारा विचारार्थ भेजा गया था। अब प्रश्न उठता है जो कानूनन है कि क्या इसके लिए अपनाई गई प्रक्रिया न्यायोचित थी और सदन को इस रिपोर्ट पर यह समझ कर चर्चा करनी चाहिए कि प्रवर समिति ने उसी विधेयक पर विचार किया है जो इसे भेजा गया था, या क्या यह दस्तावेज कानूनी रूप से वैध नहीं है और यह एक कानूनी दस्तावेज नहीं है।
माननीय सभापतिः माननीय सदस्य उसी बात को दोहरा रहे हैं, जो माननीय नजीरुद्दीन अहमद ने कही है। यह वही बात है। मैंने उठाई गई आपत्ति को ध्यान में रखकर रिपोर्ट का अध्ययन किया है और माननीय सदस्य को कोई अन्य ऐसे तथ्य रखने की पूरी स्वतंत्रता है, जो श्री नजीरुद्दीन अहमद के भाषण में नहीं थे। परन्तु एक बात को दोहराने का कोई लाभ नहीं है।
पंडित ठाकुर दास भार्गवः मैं दोहराना नहीं चाहता। मैं केवल यह जानना चाहता