अनुभाग तीन - प्रवर समिति से वापस भेजे जाने के पश्चात् हिंदू संहिता पर की गई चर्चा (11 फरवरी, 1949 से 14 दिसम्बर, 1950 तक) - Page 515

500 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

माननीय सभापतिः तथापि, विनिर्णय कुछ तथ्यों पर आधारित होते हैं। इस मामले में जैसे कि आरोप लगाया जो तथ्य के रूप में है कि प्रवर समिति ने मूल विधेयक पर विचार नहीं किया। यदि यह बात सिद्ध हो जाती है, तो विनिर्णयों पर विचार करने के लिए बहुत समय है।

पंडित ठाकुर दास भार्गवः तथ्यों से कोई इन्कार नहीं कर सकता।

माननीय सभापतिः बिल्कुल यही बात है, जो माननीय सदस्य देखेंगे। मैंने दस्तावेजों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करके अपना विनिर्णय तैयार किया है। यदि मेरे द्वारा प्रस्तुत तथ्य स्वीकार कर लिए जाने के बाद और तथ्य उभर कर आते हैं तो व्यवस्था के और प्रश्नों पर विचार किया जा सकता है।

श्री एम. तिरुमाला राव (मद्रासः सामान्य)ः आपका विनिर्णय आने से पहले आशंका के सिवाए सच्चाई जानने का और कोई तरीका नहीं है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (विधि मंत्री)ः मैं आपकी अनुमति से माननीय पंडित भार्गव की इस आशंका को दूर करना चाहता हूँ कि प्रवर समिति ने उस मूल विधेयक पर विचार नहीं किया, जो सदन द्वारा उसे भेजा गया था? मैं समझता हूँ कि यह बात गलत है, यदि माननीय सदस्य...

माननीय उपाध्यक्षः मैंने स्थिति का विस्तार से अध्ययन किया है। मैं अपना निर्णय पढ़ने के बाद स्पष्ट करूंगा।

पंडित मुकुट बिहारी लाल भार्गव (अजमेरः मारवाड़ा)ः मेरे पास कुछ अतिरिक्त तथ्य है।

माननीय उपाध्यक्षः कृपया शांत रहित।

पंडित मुकुट बिहारी लाल भार्गवः एक और तथ्य है, जो अध्यक्ष महोदय के ध्यान में नहीं लाया गया है। मैंने विधि विभाग को यह जानने के लिए एक पत्र लिखा था कि कोई पुनः तैयार किया गया प्रारुप प्रकाशित किया गया है। मुझे बताया गया कि कुछ ही प्रतियाँ प्रकाशित हुई थीं और वे सदन के पुस्तकालय में उपलब्ध हैं। मैंने यह विधेयक देखा और यह सच है कि प्रवर समिति की बैठक होने से पहले जुलाई, 1948 में पुनः तैयार किया गया विधेयक प्रकाशित हुआ था। उस विधेयक पर समिति द्वारा

खंडवार विचार किया गया, और यही वह विधेयक है, जो प्रवर समिति की रिपोर्ट के साथ आया है। रिपोर्ट में इसका उल्लेख है। इसलिए मेरा अनुरोध है कि पुनः तैयार किए गए विधेयक पर यह जानने के लिए विचार किया जाए कि क्या समिति ने उसी विधेयक पर विचार किया था जो सदन द्वारा उसे भेजा गया था या उसने उस विधेयक पर विचार