अनुभाग तीन - प्रवर समिति से वापस भेजे जाने के पश्चात् हिंदू संहिता पर की गई चर्चा (11 फरवरी, 1949 से 14 दिसम्बर, 1950 तक) - Page 519

504 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

गया, वहां उन्होंने अपनी मंशा जाहिर की है कि संशोधित प्रारूप में सुझाए गए परिवर्तन केवल परिवर्तन नहीं हैं, अपितु वे मूल विषय में संबंधित हैं। यह याद रखना चाहिए कि उन्होंने कहीं भी यह नहीं कहा कि प्रवर समिति ने मूल विधेयक पर विचार नहीं किया। संशोधित प्रारूप में सुझाए गए परिवर्तन अच्छे हैं या अन्यथा हैं, इसके बारे में उन्होंने असहमति टिप्पण में उल्लेख किया है।

अभिलेख में दिए गए तथ्यों के आधार पर मैं इस बारे में बिल्कुल स्पष्ट हूँ कि प्रवर समिति ने भेजे गए मूल विधेयक पर पूर्ण विचार किया और इसलिए माननीय विधि मंत्री द्वारा रखा गया वर्तमान प्रस्ताव उचित है।

तथ्यों के आधार पर इस निर्णय पर पहुंचने के बाद श्री कपूर जी, व्यवस्था का कोई प्रश्न नहीं होना चाहिए।

एक माननीय सदस्यः अब सभा की बैठक स्थगित होनी चाहिए, पांच से अधिक बज चुके हैं।

माननीय उपाध्यक्षः अब सदन की बैठक स्थगित होती है।

तत्पश्चात्, सभा की बैठक शुक्रवार, 18 फरवरी, 1949 को पौने ग्यारह बजे तक स्थगित हुई।