506 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
कारणों से या दलगत काम के कारण नहीं, बल्कि वे पूरे देश के हित में ऐसा कर रहे हैं क्योंकि इस समय वे प्रान्तीय विधानमण्डलों के बजट सत्र में व्यस्त हैं। जबकि वे इसमें भाग लेने के बहुत इच्छुक हैं और हम चर्चा में भाग लेना चाहते हैं, जिससे कि पूरा हिंदू समाज प्रभावित हो रहा हो।
एक माननीय सदस्यः यह कोई व्यवस्था का प्रश्न नहीं है।
माननीय उपाध्यक्षः मैं इस निर्णय के लिए यहाँ हूँ कि क्या यह व्यवस्था का प्रश्न है या नहीं। मैं आशा करता हूँ कि वे अपनी बात शीघ्र समाप्त करेंगे।
श्री जसपतराय कपूरः मैं जानता हूँ कि मेरे कुछ मित्र इस विधेयक पर अग्रसर होने के लिए अधीर हैं। महोदय, मैं प्रारम्भ में ही सदन को यह आश्वासन देना चाहता था कि मेरा उद्देश्य इस विधेयक की कार्यवाही में बाधा डालने का नहीं है क्योंकि इसके बहुत से उपबंधों से मैं भी सहमत हूँ। मेरा उद्देश्य यह है कि किसी कार्य को संवैधानिक तरीके से उचित समय पर और उचित ढंग से किया जाना चाहिए। जैसाकि आप जानते हैं...
माननीय उपाध्यक्षः मैंने व्यवस्था का प्रश्न सुन लिया है। माननीय सदस्य यह समझते हैं कि यह सदन इस विधेयक के साथ अग्रसर होने में सक्षम नहीं है। पहली बात, दूसरे क्या वे चाहते हैं कि कुछ सदस्य, जो यहां उपस्थित नहीं हैं, उन्हें यहां उपस्थित होना चाहिए। जिस प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है, उस पर यह कोई व्यवस्था का प्रश्न नहीं है। यह एक सार्वभौमिक विधानसभा है और कोई भी विधान पारित करने के लिए उपयुक्त है। मैंने व्यवस्था का प्रश्न सुन लिया है, और इस पर और बहस नहीं सुनना चाहता। जहां तक सदस्यों की अनुपस्थिति का प्रश्न है, निःसंदेह यह सच है कि प्रान्तों और राज्यों से यहां सदस्य उपस्थित नहीं हैं। परन्तु उन्हें इस बात की स्वतंत्रता है कि वे यहां आकर चर्चा में भाग ले सकते हैं।
बाबू रामनारायण सिंह (बिहारः सामान्य)ः क्या मैंख्...,
माननीय उपाध्यक्षः जहां तक पीठाध्यक्ष और इस सदन का संबंध है, ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया है और इसलिए सदन अपने कार्य के साथ अग्रसर होने में सक्षम है। माननीय सदस्य किसी भी समय आकर चर्चा में भाग ले सकते हैं। मैं व्यवस्था के प्रश्न को अस्वीकार करता हूँ।
बाबू रामनारायण सिंहः आपके प्रति पूर्ण सम्मान सहितख्...,
माननीय सदस्यः शांत रहिए।
माननीय उपाध्यक्षः मैं और कुछ नहीं सुनना चाहता।