अनुभाग तीन - प्रवर समिति से वापस भेजे जाने के पश्चात् हिंदू संहिता पर की गई चर्चा (11 फरवरी, 1949 से 14 दिसम्बर, 1950 तक) - Page 526

511

तथ्य हैं, तो आपको वह प्रस्ताव सदन के समक्ष विचार के लिए रखना चाहिए। उदाहरण के लिए जिस प्रस्ताव में मांग की गई है कि इस विधेयक को पुनः उसी प्रवर समिति को भेजा जाए, वह प्रस्ताव इसी श्रेणी में आता है क्योंकि यदि आप व्यवस्था के इन दो

खंडों को भेजते हैं, तो मुझे विश्वास है किख्...,

माननीय उपाध्यक्षः मैं जो चाहता हूँ, वह इस प्रकार है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं इस मामले में आपका मार्गदर्शन चाहता हूँ।

माननीय उपाध्यक्षः मैंने इस मामले पर तथा अन्य रखे गए प्रस्तावों पर विचार किया है। जहां तक प्रस्ताव संख्या 1 और 2 का प्रश्न है, प्रस्ताव संख्या 1 में प्रस्ताव किया गया है कि प्रवर समिति द्वारा यथासंशोधित विधेयक को वापस ले लिया जाए।

पंडित ठाकुर दास भार्गव (पूर्वी पंजाबः सामान्य)ः मैं इसे इस समय पेश नहीं करना चाहता, इसलिए नहीं कि मैं ऐसा करने का पात्र नहीं हूँ।

माननीय उपाध्यक्षः अतः इस बात की जांच करना आवश्यक नहीं है कि यह ठीक है या गलत है। दूसरा प्रस्ताव है...

पंडित ठाकुर दास भार्गवः मैं इस चरण में इसे नहीं रखना चाहता।

माननीय उपाध्यक्षः इसके बाद मास्टर नन्दलाल का संशोधन प्रस्ताव है कि इसे बजट सत्र 1951 तक स्थगित रखा जाए।

मास्टर नन्दलाल (पूर्वी पंजाबः सामान्य)ः मैं यह प्रस्ताव नहीं रख रहा हूँ।

माननीय उपाध्यक्षः इन तीन प्रस्तावों के वापस लिए जाने से रास्ता साफ हो गया है। इन प्रस्तावों को कोई भी नाम दिया जाए, परन्तु वे चर्चा को स्थगित करने के लिए ही हैं, मेरे विचार से विधेयक को प्रस्तावक माननीय विधि मंत्री आगे तभी बढ़ सकते थे, जबकि इन प्रस्तावों को रखने वाले सदस्य इन पर चर्चा के लिए जोर डालते क्योंकि जब तब इनके प्रस्तावों को निबटाया नहीं जाता, तब तक माननीय प्रस्तावक को बोलने की अनुमति नहीं दी जाती। ये प्रस्ताव ही नहीं रखे गए, मैं चुप रहा। अब यह स्पष्ट है कि इन्हें वापस ले लिया गया। अन्य प्रस्ताव चाहे जो पुनर्वितरित करने वाले हों या प्रवर समिति से संबंधित हों, चाहे वे जिस भी प्रकृति के हों, किसी भी सक्षम व्यक्ति द्वारा नियमान्तर्गत रखे जा सकते हैं। उन पर कार्यवाही करना सदन का काम है। जहां तक प्रवर समिति के भेजे जाने संबंधी प्रस्ताव हैं, मैं उनसे संतुष्ट हूँ। इसके अतिरिक्त इसके पुनः परिचालित करने संबंधी प्रस्ताव के लिए कुछ जरूरी आवश्यकताएं पूरी नहीं की गई हैं, जो कि किसी नियम या व्यवस्था में अपेक्षित हैं। अतः इस चरण में मैं प्रस्तावक को अपना भाषण देने की अनुमति देता हूँ और भाषण समाप्त हाने के बाद प्रवर समिति