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एक माननीय सदस्यः लेकिन वे बिल्कुल नहीं बोले हैं।
माननीय उपाध्यक्षः माननीय विधि मंत्री जी को अपनी बात पूरी करने दीजिए।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं तो केवल इस पुस्तक में दी गई व्यवस्था संख्या एक की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता था। और भी अनेक व्यवस्थाएं हैं। इसमें कहा गया हैःµ
फ्कपास पर उत्पादन शुल्क समाप्त करने संबंधी संकल्प पर चर्चा के दौरान इसे स्थगित करने के लिए एक प्रस्ताव रखा गया था। (जिसका मतलब था इसे परिचालित करना या इस संकल्प को छोड़ देना।)य्
फ्अध्यक्ष ने इस विशेष अवसर पर पुस्तक को स्वीकार करने के बारे में बिना कोई मिसाल स्थापित करते हुए कहाःµ
फ्अध्यक्षपीठ किसी प्रस्ताव पर विचार को स्थगित करने के लिए ऐसे प्रस्ताव को रखने के अनुमति नहीं दे सकती जो केवल कार्य-सूची की अगली मद पर विचार करने के लिए रखा गया है। इसके लिए समुचित कारण बताए जाने चाहिए।य्
पंडित ठाकुर दास भार्गवः व्यवस्था में कहा गया है कि यह कोई मिसाल नहीं बननी चाहिए, परन्तु आप इसे मिसाल बनाना चाहते हैं।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः अध्यक्ष कहते हैं फ्मैं व्यवस्था दे रहा हूँ परन्तु मैं मिसाल कायम नहीं कर रहा हूँ।य्
पंडित ठाकुर दास भार्गवः इस मामले में मैं फ्अध्यक्षपीठ के निर्णयय् नामक पुस्तक के पृष्ठ 81 की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ। जिसमें कहा गया है कि कुछ ऐसे प्रस्ताव होते हैं, जिन्हें विलंबकारी कहा जा सकता है। परिचालन का प्रस्ताव उस श्रेणी में नहीं आता। परन्तु कुछ प्रस्ताव विलंबकारी होते हैं और यह अध्यक्षपीठ के विवेक और अधिकार पर निर्भर करता है कि वह उसकी अनुमति दे अथवा नहीं। इस पुस्तक के पृष्ठ 81 पर प्रस्ताव को वापस सौंपने के बारे में कहा गया है कि यदि प्रवर समिति में कुछ हुआ है, तो इसे विलंबकारी प्रस्ताव कहा जा सकता है परन्तु अध्यक्षपीठ को यह निर्णय करने का पूरा अधिकार है कि यह विलंबकारी नहीं है। माननीय सदस्य से इसके लिए कारण नहीं पूछे गए हैं और इससे पहले ही मेरे मित्र खड़े होकर कह रहे हैं कि यह विलंबकारी है। यह बहुत ही गलत बात है कि प्रारम्भ में यह कह देना कि यह विलंबकारी है। परिचालित करने का प्रस्ताव विलंबकारी नहीं है। जब तक अध्यक्ष महोदय इस निष्कर्ष पर न पहुंचे कि प्रवर समिति में कुछ नहीं हुआ है या कोई घटना नहीं घटी है, जिससे यह सिद्ध होता है कि यह विलंबकारी है, मैं समझता हूँ कि अध्यक्ष महोदय किसी प्रस्ताव को विलंबकारी नहीं कह सकते। नियमानुसार रखे गए प्रस्ताव विलंबकारी प्रस्ताव नहीं कहे जा सकते।