भारतीय गैर-न्यायिक भारत - Page 553

538 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

श्री नजीरुद्दीन अहमदः महोदय, मैं समझता हूँ कि एक मिनट में इस मामले पर बहस को कम किया जा सकता है। माननीय विधि मंत्री ने जो मिसाल दी है, वह इस मामले में लागू नहीं होती, उसका शीर्षक है फ्वाद-विवाद का स्थगनय्ख्...,

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यदि प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया जाता है, तो यह वाद-विवाद का स्थगन है।

श्री नजीरुद्दीन अहमदः नहीं, यह बिल्कुन अलग है क्योंकि मैं यह दिखा सकता हूँ। उप शीर्षक है फ्वाद-विवाद का स्थगनः प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अनुमति देने पर।य् मैंने वाद-विवाद पर स्थगन के लिए प्रस्ताव नहीं रखा है, जो कि संशोधन संख्या 2 में है। इसमें प्रस्ताव किया गया हैः

फ्विधेयक पर प्रवर समिति की रिपोर्ट पर विचार को स्थगित किया जाए।य्

मेरा उद्देश्य है कि वाद-विवाद जारी रहना चाहिए, प्रस्ताव पर विचार जारी रहना चाहिए और मैं चाहता हूँ कि विचार मेरे प्रस्ताव के साथ ही होना चाहिए। डॉ. अम्बेडकर ने जिस व्यवस्था का उदाहरण दिया है, उससे बिल्कुल स्पष्ट हो जाएगाःµ

फ्कपास पर उत्पादन शुल्क समाप्त करने संबंधी संकल्प पर चर्चा के दौरान इसे स्थगित करने के लिए एक प्रस्ताव रखा गया था।य्

फ्अध्यक्ष ने इस विशेष अवसर पर प्रस्ताव को स्वीकार करने के बारे में बिना कोई मिसाल स्थापित करते हुए कहाः अध्यक्षपीठ किसी प्रस्ताव पर विचार को स्थगित करने के लिए ऐसे प्रस्ताव को रखने की अनुमति नहीं दे सकती जो केवल कार्य-सूची की अगली मद पर विचार करने के लिए रखा गया है। इसके लिए समुचित कारण बताए जाने चाहिए।य्

जैसा कि मैं समझता हूँ, यह बात उस समय कही गई है जब सदन में एक प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी और शायद किसी एक रुचिकर या महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर चर्चा करवानी थी एक सदस्य ने एक विचाराधीन संकप पर चल रही चर्चा को स्थगित करने का प्रस्ताव रखा ताकि एक और अधिक रुचिकर प्रस्ताव पर चर्चा हो सके। यह पहले प्रस्ताव को स्थगित करने के लिए था जिसे स्वीकार नहीं किया गया। मैंने अपने प्रस्ताव में वाद-विवाद को स्थगित करने का प्रस्ताव नहीं रखा है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यह उसी के लिए है।

श्री नजीरुद्दीन अहमदः हम नियम 52 की व्याख्या पर बोल रहे हैं। नियम के अनुसार प्रस्ताव नियमानुसार है। नियम को रद्द किए वगैर इसे गलत नहीं कहा जा सकता।