भारतीय गैर-न्यायिक भारत - Page 562

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लिखकर गलती की है। मैं इसके स्वरूप पर कोई निर्णय नहीं करना चाहता, परन्तु यह परिचालित करने का प्रस्ताव प्रवर समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आया है, इसलिए इन परिस्थितियों में इसका अर्थ है फ्पुनः परिचालनय्। मैं यह व्यवस्था पहले ही दे चुका हूँ। व्यवस्था अभी भी लागू है। सेठ गोविंददास द्वारा चर्चा जारी रहेगी।

श्री वी.एस. सर्वटेः उपाध्यक्ष महोदय, मैं आपका ध्यान इस बात की ओर दिलाना चाहता हूँ कि पुनः परिचालन का प्रस्ताव मैं पहले ही रख चुका हूँ और यह उन्हीं दो प्रस्तावों पर आधारित है। ये दो प्रस्ताव 21 अगस्त, 1948 को दिए गए थे। मैं सदन का और समय नहीं लेना चाहता। मैं प्रस्ताव को पढ़ता हूँ, ताकि इस पर आगे चर्चा हो सके। प्रस्ताव इस प्रकार हैः

फ्विधेयक, जैसा कि प्रवर समिति से रिपोर्ट प्राप्त हुई है, पर और विचार जानने के लिए इसे पुनः परिचालित किया जाए।य्

माननीय उपाध्यक्षः संशोधन की सूचना कब दी गई थी।

श्री वी.एस. सर्वटेः सूचना 1 अगस्त, 1948 को दी गई थी। यह संशोधन अनुपूरक सूची संख्या 2 में दिया गया है।

माननीय उपाध्यक्षः प्रस्ताव 1 अगस्त को दिया गया और प्रवर समिति की रिपोर्ट 12 अगस्त को प्राप्त हुई और एक सप्ताह बाद यह सदन में प्रस्तुत की गई।

श्री एल. कृष्णास्वामी भारतीः प्रस्ताव 31 अगस्त को दिया गया था।

माननीय उपाध्यक्षः प्रस्ताव देने की आवश्यकता नहीं थी। यह रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद हुआ। परन्तु, सत्र समाप्त होने पर सभी प्रस्ताव व्ययगत हो गए। एक नया नोटिस देना चाहिए था। मुझे नहीं पता कि माननीय सदस्य के पास इसकी प्रतियां हैं।

श्री जसपतराय कपूरः मेरे पास इसकी एक प्रति है। यह एक समेकित सूची है_ संशोधनों की सूचनाख्...,। यह कार्यालय में 28 अगस्त, 1948 को भेजा गया था। इस सूची में 24 संशोधन हैं इस सूची में श्री सर्वटे का संशोधन क्रमसंख्या चार पर है।

माननीय उपाध्यक्षः ये सभी नोटिस पिछले सत्र के लिए थे। सत्र समाप्त होने पर ये सभी नोटिस व्ययगत हो गए। केवल उन्हीं संशोधनों पर, विचार किया जाएगा। जिनकी प्रतियाँ प्रत्येक सदस्य की मेजों पर रखी हैं। अन्य सभी नोटिस व्ययगत हो गए हैं। अतः सेठ गोविंद दास द्वारा आगे चर्चा जारी रखी जाएगी।

ऽसेठ गोविन्द दासः सभापति, मैं यह देखता हूँ कि इस विधेयक का विरोध करने वाले और इसका समर्थन करने वाले दोनों 4 समूहों में बांटे जा सकते हैं। विरोध करने