भारतीय गैर-न्यायिक भारत - Page 593

578 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

संपत्ति के संबंध में महिला उत्तराधिकारी को पूर्ण स्वामित्व में हस्तांतरति करने के 49 और इसके विरोध में 119 मत पड़े थे।

तलाकशुदा के मामले में 112 इसके पक्ष मैं और 119 इसके विरोध में पड़े थे। दत्तकग्रहण और परिवर्तन के मामलों में 36 इसके पक्ष में और 38 इसके विरोध में मत आए थे। अन्य मुद्दों पर परिवर्तन के विरुद्ध मत अपेक्षाकृत अधिक थे। अतः मैं पूछना चाहता हूँ कि इस विधेयक को लाना कितना न्यायसंगत है?

कुछ माननीय सदस्यः न्यायसंगत नहीं है।

पंडित मुकुट बिहारी लाल भार्गवः इस संसद के अनेक सदस्यों ने यह दावा किया है कि अधिकांश जनमत इस विधेयक के पक्ष में है।

श्रीमती जी. दुर्गाबाईः एक विवाह के बारे में क्या कहना है?

पंडित मुकुट बिहारी लाल भार्गवः मैं उचित समय पर उस मुद्दे पर भी आऊंगा। मेरा कथन है कि यदि यह एक प्रजातांत्रिक कानून है, यदि यह कानून देश की जनता के बहुमत के अनुसार लाने का दावा करता है, तो इसका यही किया जाए कि इस महात्वहीन कानून को दरकिनार कर दिया जाए क्योंकि देश में जो कोई भी जनमत है वह सुस्पष्ट रूप से इसके विरुद्ध ही है। मुझे खेद है कि मुझे वह समाचार-पत्र नहीं मिला, जिसमें कानून मंत्री द्वारा दी गई राय प्रकाशित की गई थी। इसी फरवरी में इस कार्यवाही पर हमारी चर्चा शुरू होने से पहले यह वह दिन था जब उन्होंने न ही इसके पक्ष में साक्ष्यों को महत्व दिया, न ही उनके पक्ष में जनमत पर। अपितु इसकी गुणवत्ता पर जोर दिया। तब किसी अन्य ने नहीं, अपितु स्वयं कानून मंत्री द्वारा स्पष्टतः स्वीकार किया गया है कि जहाँ तक जनमत की संख्या का मामला है, वह उनके विरुद्ध था। यह तथ्य है कि कुछ व्यक्ति, बेशक वे विख्यात हैं और वे चाहते हैं कि इस कानून को देश पर थोप दिया जाए, तो यह हमें स्वीकार्य नहीं हो सकता। इसमें जनमत का आधार राउ समिति द्वारा लिया गया जनमत है। इसमें कोई अन्य आधार नहीं है, जिसे सदन के सदस्यों के सामने रखा जाए और यह कहा जा सके कि जनमत इस कानून के पक्ष में है, न कि इसके विरोध में। इधर हम विभिन्न संगठनों से भी विरोध-पत्र प्राप्त कर रहे हैंख्...,

बाबू रामनारायण सिंहः प्रति दिन।

पंडित मुकुट बिहारी लाल भार्गवः विभिन्न उच्च न्यायालयों और अन्य सिविल जजों से भी, देश के विभिन्न हिस्सों के बार संघों से भीख्..., मैंने इन मतों का अध्ययन किया है और पाया है कि इस कानन को अधिनियमित करने के संदर्भ में हमारा बहुलता से इसके विरोध में है।