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इस पर मुझे कोई आपत्ति नहीं है, परन्तु यदि आप हिन्दू कानून के सिद्धांतों को शामिल करना चाहते है, तो विरासत के सिद्धांतों पर विचार करने से पहले सबसे पहले आपको उत्तरवर्तियों द्वारा अपने पूर्वजों की श्रद्धा रखे जाने की क्षमता ओर देयता पर विचार करना होगा, और यही दायभाव का आधार है।
माननीय डॉ. बी.आर अम्बेडकरः उनमें सभी आपके लिए श्रद्धा दिखा सकते हैं और सम्पत्ति प्राप्त कर सकते हैं।
पंडित मुकुट बिहारी लाल भार्गवः उत्तराधिकार के इस अभिनव नियम को लागू करने के क्या कारण हैं? यदि और भाई के पुत्र को एक वेहद घटिया स्थिति में ढकेल दिया गया है। भाई और भाई का पुत्र इसमें पुत्री की पुत्री, पुत्री के पुत्र और पुत्र की पुत्री के बाद आते हैं। क्या यह स्थिति हिन्दू कानून के स्वीकार्य सिद्धांतों के अनुसार हैं? ( कई आवाजें ः ‘नहीं, नहीं।) क्या यह परिवार को विघटित नहीं करेगी? क्या इससे परिवार में चिरस्थायी अशांति पैदा नहीं होगी, परिवार के सदस्यों में अनबन नहीं होगी? यह कल्पनातीत है। आज भी, हिन्दू समाज के अनुसार यद्यपि यह सदियों से घोर अत्याचार का विषय रहा है, आज भी भाई-भाई के बीच प्रेम और स्नेह बाकी है। जब मैं कुछ टिप्पणियाँ करता हूँ, तो मैं कृषक आबादी को ध्यान में रखता हूँ। आप जब किसी गांव में जाते हैं, तो आप देखेंगे कि वहाँ 10 में से 9 परिवार संयुक्त परिवार के तौर पर ही रहते हैं। वहाँ भाई, भाई के साथ रहता है। वह अलग नहीं है और जैसे ही आप पुत्री की पुत्री, पुत्री के पुत्र को भाई अथवा भाई के पुत्र की तुलना में प्राथमिकता देते हैं, तो मैं सादर कहना चाहता हूँ कि समाज उसे सहन नहीं करेगा अथवा यदि वह इसे सहन भी करता है, तो आज तो शांति बनी हुई है, कुछ ही समय में वह गायब हो जाएगी। अतः आपको उत्तराधिकार के नए नियमों को लागू करने से पूर्व चतुराई से काम लेना होगा कि ये नियम हिन्दू कानून के स्वीकार्य सिद्धांतों के इतने विपरीत, इतने प्रतिकूल न हों।
महोदय, अब मैं एक पुत्री को पुत्र के समान उत्तराधिकार दिए जाने के धार्मिक सिद्धांत पर आता हूँ।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मै सोचता हूँ कि इसके बारे में वे कुछ पहले भी कह चुके हैं_ इसके विस्तार की कोई आवश्यकता नहीं है।
पंडित मुकुट बिहारी लाल भार्गवः महोदय, यह तर्क रखा गया है कि धर्मग्रंथों और आस्था के अनुसार पिता की विरासत में पुत्री का एक विशिष्ट हिस्सा था, जो मनु और याज्ञवल्व्य से ऊपर है, किन्तु हिन्दू कानून के पाठों की मेरी सरसरी जानकारी यह