हिंदू विवाह वैधता विधेयक - Page 65

50 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

मैंने छोटे कोष्ठक में शब्द (उत्तरपाड़ा) देखे। श्रीमान स्पष्ट रूप से यह भ्रांति-जनक था और यदि प्रश्न किया तो यही बताते कि यह ‘उत्तरपाड़ा की’ है। ये कूटनीतियां हैं, ये रणनीतियां हैं और विपक्षियों द्वारा इनका प्रयोग किया जाता रहा है। जैसा कि आप जानते हैं कि हमें उन लोगों को प्रश्नगत् नहीं करते, जो प्रमाणिक आधार पर मतभेद रखते हैं, परन्तु इस प्रकार की चालबाजियों जिन्हें आज अपनाया जा रहा हैख्...,

श्री नजीरुद्दीन अहमदः सूचनार्थ जानना चाहूँगा, क्या वह डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी नहीं हैं?

श्रीमती रेणुका रेः नहीं वह केन्द्रीय मंत्रिमंडल के मंत्री थे। मैं नहीं जानती कि यह श्यामा प्रसाद मुकर्जी कौन से हैं।

श्री नजीरुद्दीन अहमदः मैंने विवरण से जो समझा, वह इस प्रकार थाः डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी, अध्यक्ष, हिंदू महासभा।

श्रीमती रेणुका रेः ऐसा नहीं है। वह उत्तरपाड़ा के थे। तो ऐसी रणनीतियां थीं जो उनके द्वारा अपनाई गईं। और यहां तक कि श्री नजीरुद्दीन अहमद को भी उनके बारे अपने में उनके द्वारा लिया गया। दकियानूसी विरोधी पक्ष के लोगों में उस समुदाय के सदस्यों में भी ऐसे बड़े समर्थक पा लिए जो उत्तराधिकार में बेटी के अधिकारों को मान्यता देते हैं। यह अत्यंत आश्चर्य की बात होगी, यदि माननीय श्री नजीरुद्दीन अहमद अपनी हिंदू बहनों के लिए उन अधिकारों का निषेध कर देंगे, जो वे स्वतः अपनी महिलाओं को देते हैं।

मैं इससे आगे यह कहना चाहूंगी कि कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पूछा है कि यह कैसी स्थिति है कि तार, परिपत्र और पोस्टर देश भर में कम से कम दिल्ली मेंµऔर एम.सी.ए. में प्रचुर मात्रा में तार भेजे जा रहे हैं। पर यह कैसी स्थिति है कि जो इस बाबद समर्थन करते हैं, वे ऐसा नहीं करते? श्रीमान् जो इस संहिता का समर्थन करते हैं, वे भी कई समाज-कल्याण संगठनों के प्रतिनिधि हैं, वे ऐसे लोग हैं जो इस देश की भलाई के लिए कार्य करते हैं। आज किसी ऐसी निधि के संबंध में राष्ट्रीय आपातकाल है जो वे रखते हैं, तो वे इसे सही और उचित नहीं समझेंगे कि वे ऐसी निधि का तारों और पत्रों के भेजने में उपयोग करें। वे इस राशि का उपयोग शरणार्थियों के पुनर्वास हेतु करते हैं। इस सदन में एम.सी.ए. को भेजे गए एक तार की लागत 165 रु. है। इस राशि के एक शरणार्थी महिला को तीन महीने के लिए पुनर्वास हेतु रोजगार-प्रशिक्षण दिया जा सकता है। क्या आप चाहते हैं कि फिर भी ऐसे तार आपको भेजे जाएं? मेरा विचार है कि इस प्रक्रिया को अपनाने के लिए यह कार्य पूर्णतया गलत है। यदि हमने पोस्टर और परिपत्र तथा तार नहीं किए हैं तो इसका अर्थ यह नहीं है कि हम परिवर्तनों के लिए मांग नहीं करते।

माननीय विधि मंत्री के मेधावी और विशेषतापूर्ण विश्लेषण के बाद, मैं विधेयक के