हिन्दू संहिता - जारी... - Page 662

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अतः कोई हस्तक्षेप या विषयेतर टिप्पणी न की जाए, क्योंकि इससे मामला हल्का पड़ जाएगा।

श्री नजीरुद्दीन अहमदः श्रीमान् मैं, स्वयं को विभागीय प्रारुप द्वारा किए गए कुछेक महत्वपूर्ण परिवर्तनों तक ही समिति रखूँगा। मैं अब मूल बिल के भाग III की ओर आता हूँ और विभागीय बिल की धारा 126 की उप-धारा (2) की तरफ ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ जो अंतिम विधेयक की धारा 124 की उप-धारा (2) के समतुल्य है। यह एक नई उप-धारा है जो एक नए सिद्धांत का परिचय देती है, अर्थात् सम्पत्ति का कोई भी स्थानांतरण भुगतान किए गए अनुसरण के अधिकार को निरस्त नहीं करेगा। वस्तुतः संपत्ति संबंधी अनुरक्षण को सांविधिक प्रभार माना गया है। चाहे सही या गलत यह एक नया मामला है जिसे प्रवर समिति द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया है, अपितु विभागीय समिति द्वारा पेश किया गया है।

इसके बाद मूल बिल के भाग III ए की तरफ जाएँ, जो उत्तराधिकार से संबंधित है। धारा 1 एवं 2 जो महत्वपूर्ण उपबंध है उन्हें पूर्णतः विभागीय बिल तथा अंतिम बिल से हटा दिया गया है। मैं इस विषय पर विस्तार से जाना चाहता, किंतु इसे माननीय मंत्री महोदय के विचारार्थ छोड़ देता हूँ।

इसके बाद, विभागीय विधेयक की धारा 131 (अंतिम बिल की धारा 130), उप-धारा (1) जो भरण-पोषण से संबंधित है, आती है। यह एक नया मामला है जिसमें काफी बड़ा परिवर्तन किया गया है। पुनः, विभागीय बिल की धारा 133 (अंतिम बिल की धारा 132) के अंतर्गत कुछ परीक्षण किए गए है और उसमें काफी अलग तरह का परिवर्तन किया गया है। इस धारा की उप-धारा (2) का भाग (बी) एक नया परिवर्तन है जो मूल बिल, भाग III, की धारा 6(1) के समतुल्य है।

इसके पश्चात, मूल विधेयक में भाग III ए की उप-धारा (1) भाग (जी) और (एच) भी महत्वपूर्ण उपबंध हैं, जिन्हें विभागीय विधेयक से पूर्णतः हटा दिया गया है।

भाग III -ए में मूल विधेयक में धारा 6 की उप-धारा (1) के उपबंधों को गलत ढंग से विभागीय विधेयक से हटा दिया गया है। यह हटाया जाना एक महत्वपूर्ण मामला है। विभागीय विधेयक (अंतिम विधेयक की धारा 133) की उप-धारा (2) जो अविवाहित पुत्री के वैवाहिक खर्चों से संबंधित है। यह एक नया उपबंध है जो मूल विधेयक में नहीं था।

इसके बाद, मूल विधेयक के भाग III -ए की धारा 7 जो परिवार से बाहर रहने वाला विधवा के भरण-पोषण से संबंध है। इसे विभागीय बिल के साथ-साथ अंतिम बिल से भी हटा दिया गया है।