हिन्दू संहिता - जारी... - Page 664

649

मूल उपबंध के अनुसार विवाह हिंदू समाज में प्रचलित धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार सांस्कारिक रूप में किया जाता है, किंतु विभागीय विधेयक के अनुसार कोई भी विवाह तब तक वैध नहीं माना जाएगा जब तक उसे इस भाग की व्यवस्था के अनुसार न किया जाए।

आइए, अब इस भाग के उपबंधों पर भी विचार करते हैं। हम इस विधेयक के अन्य भाग अर्थात् विभागीय विधेयक की धारा 9 के समतुल्य मूल विधेयक के भाग IV की धारा 6 के साथ-साथ अंतिम विधेयक पर भी आते हैं। ( एक माननीय सदस्यः ‘‘कृपया ध्यान दें कि डॉ. अम्बेडकर जी मौजूद नही है।’’) धारा 9 सांस्कारिक विवाह के पंजीकरण से संबद्ध है। मूल विधेयक में उल्लिखित था- ‘‘सांस्कारिक विवाह के प्रमाण की सुविधा के लिए इस अध्याय के अनुच्छेद 6 के अंतर्गत उपलब्ध हिंदू सिविल विवाह प्रमाण-पत्र पुस्तिका में ऐसे विवाह से संबंधित विवरणों को दर्ज करने संबंधी नियमों का निर्धारण किया जाए।’’

बाबू रामनारयण सिंह (बिहारः सामान्य)ः सूचना के लिए मैं जानना चाहता हूँ कि सरकार की ओर से यहाँ कौन आपकी इस चर्चा को सुन रहा है?

माननीय अध्यक्षः कोई न कोई यहाँ अवश्य होगा।

श्री एल. कृष्णास्वामी भारती (मद्रासः सामान्य)ः उसी की ओर से टिप्पणियाँ लिख रहा हूँ।

श्री नजीरुद्दीन अहमदः शिष्टता के नाते मंत्री महोदय को यहाँ मौजूद रहना चाहिए था।

श्री बी.एल. सोंधी (पूर्वी बंगालः सामान्य)ः कानून मंत्री जी आने ही वाले हैं।

श्री नजीरुद्दीन अहमदः विवाह के सबूत को सुनाकर बनाने के लिए रजिस्टर में विवरण दर्ज करने के लिए संस्था द्वारा बनाए गए नियमों की मूल धारा का उपबंध किया गया है, पर विवाह की वैधता पूर्णतः यथावत् रखी गई है। सबूत के मामले में इससे अतिरिक्त सुविधा मिलेगी यानि विवाह के विवरण हिन्दू सिविल विवाह प्रमाण-पत्र पुस्तिका में दर्ज किए जा सकते हैं और इसकी नियमों द्वारा व्यवस्था की जा सकती है। यह सबूत को केवल सुविधाजनक बनाने के लिए था। यह एक अनिवार्य शर्म नहीं थी, न ही विवाह को वैधता को प्रभावित करने वाली कोई शर्त थी। यह सभी कुछ जो वहाँ उल्लिखित था, एक सामान्य नियम था, एक बहुत हितकारी नियम था। यानी विवरण रजिस्टर में दर्ज किए जा सकते थे और उन नियमों से विवाह निर्धारित किया जा सकता था। ऐसा केवल सबूत को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से किया गया था। इससे विवाह की वैधता किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होती। वस्तुतः यदि किसी विवाह