भाग 3 - दत्तकग्रहण - Page 697

682 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

बतर्शे कि एक हिंदू पुरुष जिसकी एक पत्नी जीवित है, बिना उसकी सहमति के अथवा यदि उसकी एक से अधिक पत्नियां है, तो वह उनमें से किसी एक की सहमति के बिना दत्तकग्रहण नहीं कर सकता। जबकि पत्नी या पत्नियां अपनी सहमति देने में असमर्थ हो।

भाग 6, धारा 5(1), पृष्ठ 24

स्पष्टीकरणµइस धारा के उद्देश्य के लिए एक पत्नी अपनी सहमति देने के लिए अक्षम मानी जायेगा यदि उसकी मानसिक स्थिति ठीक न हो या उसने 18 वर्ष की आयु पूर्ण न की हो ।

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भाग 3µदत्तकग्रहण
अध्याय 1

सामान्य दत्तक ग्रहण

52. इस भाग के उल्लंघन में दत्तक ग्रहण का निषेध

(1) इस संहिता के प्रभावी होने के बाद कोई भी हिंदू पुरुष इस भाग मे दिए गए तरीके

के अतिरिक्त न तो दत्तकग्रहण कर सकता है न दे सकता है।

(2) धारा 66 की उप-धारा (2) के मामलों को छोड़ कर इस भाग के उल्लंघन में

किया गया दत्तकग्रहण अमान्य होगा।

(3) अमान्य दत्तक ग्रहण न तो दत्तक को उसके ग्रहीता परिवार में कोई अधिकार देता

है और न ही जन्म के परिवार से उसका अधिकार समाप्त करता है।

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53. वैध दत्तक ग्रहण की अर्हताएं ः कोई भी दत्तकग्रहण तब तक वैध नही माना जा सकता जब तक किµ

(1) जो व्यक्ति दत्तक दे रहा है उसके पास इसकी क्षमता हो साथ ही उसे दत्तक देने

का अधिकार भी हो_

(2) जो व्यक्ति दत्तक ले रहा है उसके पास इसकी क्षमता हो_

(3) वह व्यक्ति जिसे गोद लिया जा रहा है वह इसके काबिल हो_ (4) दत्तकग्रहण शारीरिक रूप से गोद लेने व देने से ही पूर्ण माना जाएगा_ (5) दत्तकग्रहण इस भाग में निदिष्ट न्य शर्तों का पालन करता।