भाग 3 - दत्तकग्रहण - Page 698

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54. हिंदू पुरुष के दत्तक ग्रहण की क्षमताः

कोई भी हिंदू पुरुष जो मानसिक रूप से स्वस्थ हो व 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुका हो पुत्र के दत्तक ग्रहण की क्षमता रखता है_

बतर्शे कि एक हिंदू पुरुष जिसकी एक पत्नी जीवित है, बिना उसकी सहमति के अथवा यदि उसकी एक से अधिक पत्नियां है, तो वह उनमें से किसी एक की सहमति के बिना दत्तक ग्रहण नहीं कर सकतां। जबकि पत्नी या पत्नियां अपनी सहमति देने में असमर्थ हो।

स्पष्टीकरणµइस धारा के उद्देश्य के लिए एक पत्नी अपनी सहमति देने के लिए अक्षम मानी जायेग यदि उसकी मानसिक स्थिति ठीक न हो या उसने 18 वर्ष की आयु पूर्ण न की हो ।

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55. विधवा की दत्तकग्रहण की क्षमताः

(1) कोई भी हिंदू विधवा जो मानसिक रूप से स्वस्थ हो व 18 वर्ष की आयु पूर्ण

कर चुकी हो, अपने पति के लिए पुत्र के दत्तक ग्रहण की क्षमता रखती है।

बशर्ते कि-

क. उसके पति ख्............., ने उसके दत्तकग्रहण को निषिद्ध न किया हो, तथा

ख. उसके दत्तकग्रहण की क्षमता को समाप्त न कर दिया हो।

(2) उप-धारा (1) में उल्लिखित कोई भी हिंदू विधवा जिसने 18 साल की आयु

पूरी न की हो, को लड़के के दत्तकग्रहण से रोक नहीं सकता है यदि आगे दिए

प्रावधानों के तहत उसे अधिकार प्रदान किए गए हों।

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56. दत्तकग्रहण संबंधी अधिकार या निषेधः

(1) कोई भी हिंदू पुरुष जिसमें जैसे ऊपर कहा गया है, एक पुत्र के दत्तकग्रहण

की क्षमता हो अपनी मृत्यु के पश्चात् अपनी पत्नी को उसके लिए एक पुत्र के

दत्तकग्रहण का अधिकार दे सकता है या उसे ऐसा करनं से निषिद्ध) कर सकता

है_