(2) उप-धारा (1) में उल्लेखित कोई भी प्रावधान एक हिंदू विधवा
को जिसने 18 साल की आयु पूरी न की हो, अपने पति को
दत्तकग्रहण से रोक नहीं सकता यदि आगे दिए प्रावधानों के
तहत उसे अधिकार प्रदान किए गए हों।
(60)
56. दत्तकग्रहण संबंधी अधिकार या निषेधः (1) कोई भी हिंदू पुरुष जैसे ऊपर कहा गया एक पुत्र के दत्तकग्रहण
की क्षमता हो अपनी मृत्यु के पश्चात् अपनी पत्नी को उसके
लिए एक पुत्र के दत्तकग्रहण का अधिकार दे सकता है या
उसे ऐसा करनं से निषिद्ध कर सकता हैं_
(2) जहां एक से अधिक पत्नियां हों वहां किसी एक या सब को
दत्तकग्रहण का अधिकार दिया जा सकता है या निषेध किया
जा सकता है।
(3) जहां किसी हिंदू ने, जो अपने पीछे दो या दो से अधिक
विधवाएं छोड़ गया है_ किसी एक को या अधिक को स्पष्ट
रूप से एक पुत्र के दत्तक ग्रहण का अधिकार दिया है तो
उसे अन्य के दत्तकग्रहण को निषिद्ध करना होगा।
(61)
685
भाग 6, धारा 6, पृष्ठ 24
57. अधिकार देने, निषेध करने या उसी को रद्द करने का तरीकाः (1) दत्तक का अधिकार देने या निषेध करने की मान्यता तभी तक होगी जब उसे भारतीय पंजीकरण अधिनियम, 1908 (1908 का भाग 6, धारा XVI ) के तहत पंजीकृत साधन द्वारा जारी किया गया हो या 7, पृष्ठ 24 भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 (1925 का XXXIX ) की धारा 63 के तहत वसीयत द्वारा किया गया हो_
(2) इस प्रकार प्रदत्त किसी भी अधिकार या निषेध को पूर्व उद्धृत पंजीकृत दस्तावेज या वसीयत द्वारा रद्द किया जा सकता है_ (3) वसीयत द्वारा प्रदत्त अधिकार या लगाए गए निषेध को भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 70 के अनुसार अन्य तरीकों से भी रद्द किया जा सकता है, जैसा कि भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, (1925 (1925 का XXXIX ) की तीसरी अनुसूची में बदलाव किया गया है।