भाग 3 - दत्तकग्रहण - Page 702

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58. दो या अधिक विधवाओं के मध्य दत्तकग्रहण का अधिकार ः जहां कोई हिंदू पुरुष अपने पीछे दो या अधिक विधवाओं को उसके लिए दत्तकग्रहण करने के अधिकार के साथ छोड़ा गया है वहां उनके बीच इस अधिकार का निर्धारण निम्न प्रावधानों से होगाः

(क) यदि उसने सभी या उनमें से किसी एक को प्राथमिकता

का संकेत देते हुए इस आधर पर ये अधिकार दिया है तो

दत्तकग्रहण के अधिकार में उसी क्रम का पालन होगा।

(ख) यदि उसने इस प्रकार का कोई संकेत नहीं दिया है तो धारा

59 के अनुसार विधवाओं की वरिष्ठता का उनका क्रम तय

होगा कि किसे ये अधिकार दिया जाए।

(ग) यदि उसने न तो किसी को दत्तकग्रहण का अधिकार दिया है

न उसका निषेध किया है तो धारा 59 में निर्धारित नियमों के

अनुसार उनकी वरिष्ठतानुसार उनका अधिकार तय होगा।

(घ) यदि कोई विधवा जिसके पास खंड़ ब या स के तहत

दत्तकग्रहण का अधिकार है वह यदि चाहे तो किसी पंजीकृत

प्रपत्रद्वारा अगली वरिष्ठ विधवा को ये अधिकार दे सकती

है। यदि वह ऐसा घोषित नहीं करती और दत्तकग्रहण के

लिए बिना उचित कारण इंकार करती है अथवा इसके लिए

अन्य वरिष्ठ अथवा अन्य विधवा द्वारा आमंत्रित किए जाने

पर एक निश्चित समय के भीतर अपने अधिकार का प्रयोग

करने में असफल रहती है तो ये अधिकार उसके बाद की

वरिष्ठ विधवा को चला जाएगा और ये क्रम वरियतानुसार

अंतिम विधवा तक जारी रहेगा।

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59. पत्नियों व विधवाओं के मध्य वरिष्ठता ः इस भाग के उद्देश्य के लिए - किसी व्यक्ति की पत्नियों एवं विधवाओं के बीच वरिष्ठता का क्रम उसी क्रम से तय होगा जो कि उनके विवाह का क्रम है। जिस महिला का विवाह पहले हुआ है वह बाद में विवाह होने वाली महिला से वरिष्ठ मानी जाएगी।

भाग 6, धारा 8, पृष्ठ 25

भाग 6, धारा 9, पृष्ठ 25