688 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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60. विधवा के गोद लेने का अधिकार पूर्व अभ्यास से निःशेष नहीं होगाः एक विधवा इस भाग के प्रावधान के अधीन उत्तराधिकार के लिए एक की मृत्यु के बाद दूसरा पुत्र गोद ले सकती है। इस तरह वह कई पुत्र गोद ले सकती है जब तक कोई प्राधिकारी यदि कोई हो, तो उस पर उसके पति द्वारा अथवा अन्यथा प्रदत्त प्रावधान अधिकार प्रदान करता है।
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61. विधवा के अधिकार की समाप्ति ः
भाग 6, धारा 10, पृष्ठ 25
(1) एक विधवा के दत्तकग्रहण का अधिकार समाप्त हो सकता है यदि-
(अ) यदि वह पुनर्विवाह कर ले, अथवा
(ब) जब उसके पति का कोई हिंदू पुत्र अपनी मृत्यु के बाद एक हिंदू पुत्र, विधवा
या पुत्र की विधवा को छोड़ जाए,
(स) यदि वह हिंदू न रह जाए।
स्पष्टीकरणः- (1) इस उप-धारा में पुत्र का अभिप्रायः पुत्र, पौत्र या प्रपौत्र है, चाहे वह खून के वैध रिश्ते से हो या फिर दत्तक लिए पुत्र द्वारा।
(2) विधवा के दत्तक ग्रहण का अधिकार एक बार समाप्त हो जाने के बाद पुनः नहीं दिया जा सकता।
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दत्तक देने की क्षमता
62. दत्तक देने की क्षमता रखने वाले व्यक्ति ः
(1) लड़के के माता अथवा पिता के अतिरिक्त किसी अन्य को उसे गोद देने का
अधिकार नहीं है।
(2) उप-धारा 3 के खंड़ ब व स के प्रावधान के होते हुए पिता यदि जीवित है तो
उसे अकेले गोद देने का अधिकार है किंतु उस अधिकार का प्रयोग वह तब तक
नहीं कर सकता जब तक कि उस बच्चे की मां यदि वह अपनी सहमति देने में
सक्षम है, सहमति न दे दे।