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(3) माता लड़के को दत्तक दे सकती है -
(क) यदि पिता की मृत्यु हो चुकी हो_
(ख) यदि पिता ने भाग 7 की धारा 110 की उप-धारा (1) में दी गई किसी
रीति के अनुसार पूर्णतया व अंतिम रूप से संसार का त्याग कर दिया हो।
(ग) यदि वह हिंदू न रह गया हो, अथवा
(घ) यदि वह अपनी सहमति देने में सक्षम न होः
बशर्ते कि पिता ने भारतीय पंजीकरण अधिनियम, 1908 (1908 का XVI ) के तहत
पंजीकृत प्रपत्र द्वारा या उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 (1925 का XXXIX ) की
धारा 63 के अनुसार की गई वसीयत के अनुसार उस पर रोक न लगा दी हो। (4) पिता या माता जो पुत्र का दत्तकग्रहण कर रहे हो अनिवार्यतः मानसिक रूप से
स्वस्थ हों व 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हों।
स्पष्टीकरणः- इस धारा के उद्देश्य के लिए-
- फ्पिताफ् अथवा फ्माताय् में गोद लिए हुए माता या पिता शामिल नहीं हैं, तथा
- एक पिता या माता, जैसा भी मामला हो, अपनी सहमति देने में सक्षम नहीं हो सकते
हैं यदि वे मानसिक रूप से अस्वस्थ हों या उन्होंने 18 वर्ष की आयु पूर्ण न की हो।
(65)
61. विधवा के अधिकार की समाप्ति ः
(1) एक विधवा के दत्तकग्रहण का अधिकार समाप्त हो जाता है
यदि-
(क) जब यदि वह पुनर्विवाह कर ले, अथवा
(ख) जब उसके पति का कोई भी हिंदू पुत्र अपनी मृत्यु के बाद अपने पीछे एक हिंदू पुत्र, विधवा या पुत्र की विधवा को छोड़ जाए
(ग) यदि वह हिंदू न रह जाए_
भाग 5, धारा 10, पृष्ठ 25
स्पष्टीकरणः- (1) इस उप-धारा में पुत्र का अभिप्रायः पुत्र, पौत्र या प्रपौत्र है, चाहे वह खून के वैध रिश्ते से हो या फिर दत्तक लिए पुत्र द्वारा।